

Bangladesh Tourism: बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चिंताओं के कारण देश का पर्यटन क्षेत्र भारी संकट में है, खासकर भारतीय पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है, जिससे विदेशी मुद्रा आय को बड़ा झटका लगा है।
# बांग्लादेश टूरिज्म पर गहराया संकट, भारत से आने वाले पर्यटकों में रिकॉर्ड गिरावट
पर्यटन आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, और जब इसमें गिरावट आती है, तो इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। बांग्लादेश इस समय इसी स्थिति का सामना कर रहा है, जहां पिछले कुछ समय से जारी राजनीतिक उथल-पुथल ने पर्यटन उद्योग को बुरी तरह प्रभावित किया है। विशेष रूप से भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी कमी बांग्लादेश के लिए चिंता का विषय बन गई है।
### बांग्लादेश टूरिज्म में बड़ी गिरावट के कारण
अगस्त 2024 से बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है, जिसकी शुरुआत छात्र आंदोलन से हुई। इसके बाद शेख हसीना के इस्तीफे की मांग, व्यापक विरोध प्रदर्शन, अंतरिम सरकार का गठन और अल्पसंख्यकों पर लगातार हो रहे हिंसक हमले जैसी घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में जगह बनाई है। इन सभी घटनाक्रमों का सीधा असर यह हुआ है कि बांग्लादेश में विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। पिछले साल यानी 2025 में यहां विदेशी पर्यटकों की संख्या में 9 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। सबसे गंभीर स्थिति भारतीय पर्यटकों के साथ है, जिनकी संख्या में 73 प्रतिशत की भारी कमी आई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बांग्लादेश में सुरक्षा और स्थिरता के माहौल को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने वीजा को लेकर कुछ पाबंदियां लगा रखी हैं, जिसका सीधा असर पर्यटन उद्योग पर पड़ा है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के 2024 के ‘ट्रैवल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट इंडेक्स’ में बांग्लादेश 119 देशों की सूची में 109वें स्थान पर है, जो एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में सबसे निचला स्थान है। यह आंकड़ा बांग्लादेश के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि बांग्लादेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान लगभग 3.02 प्रतिशत है। यह गिरावट न केवल पर्यटन क्षेत्र को प्रभावित कर रही है, बल्कि देश की समग्र अर्थव्यवस्था पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
सरकार की कोशिशों के बावजूद भारी नुकसान
बांग्लादेश सरकार पर्यटन को मजबूत करने और रोजगार बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने पर्यटन को 12 उप-क्षेत्रों में बांटा है, जिसमें होटल ही नहीं, बल्कि कैफे, रिसॉर्ट्स, क्रूज शिप, एयरलाइन, ट्रैवल एजेंसी, म्यूजियम और हैंडीक्राफ्ट्स जैसे कई अलग-अलग क्षेत्र शामिल हैं। इसका उद्देश्य ड्राइवर से लेकर कुक और कारीगर तक, हर किसी को रोजगार उपलब्ध कराना है। हालांकि, साल 2024 में पर्यटन को हुए नुकसान के बाद बांग्लादेश के विदेशी आय में भी भारी कमी आई है। 2024 में बांग्लादेश को विदेशी कमाई में 13 मिलियन डॉलर यानी 100 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ है। यह घाटा उन प्रयासों के बावजूद हुआ है जो सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए थे।
### भारतीय सैलानियों ने बदले अपनी मंजिलें
जहां एक ओर बांग्लादेश में विदेशी पर्यटक कम हुए हैं, वहीं दूसरी ओर 2025 में विदेश जाने वाले भारतीयों की संख्या 6.6 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 3.3 करोड़ हो गई है। हालांकि, सऊदी अरब और अमेरिका जाने वालों की संख्या में कमी आई है, और पिछले साल कनाडा जाने वाले भारतीयों की संख्या भी लगभग 16 प्रतिशत घटकर 8 लाख रह गई। एक ट्रैवल एजेंट के अनुसार, “नॉन-पीक सीजन में घरेलू हवाई किराया ठीक-ठाक होने के बावजूद होटल महंगे होने के चलते भारतीय मिडिल क्लास को अब गोवा या केरल के बजाय UAE, श्रीलंका, थाईलैंड, वियतनाम और मलेशिया जैसी जगहों पर जाना सस्ता लग रहा है।” यह दिखाता है कि भारतीय पर्यटक अब अधिक किफायती और स्थिर गंतव्यों की तलाश में हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस बदलते रुझान का सीधा असर उन देशों पर पड़ रहा है जो राजनीतिक या आर्थिक अस्थिरता का सामना कर रहे हैं।
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बांग्लादेश को अपने पर्यटन क्षेत्र को फिर से पटरी पर लाने के लिए न केवल अपनी आंतरिक स्थिरता बहाल करनी होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों, विशेष रूप से भारतीय पर्यटकों का विश्वास भी दोबारा जीतना होगा।

