

Bihar Politics: बिहार की सियासी पिच पर बयानबाजी की गेंद अक्सर बाउंस होती रहती है, और इस बार जनता दल यूनाइटेड (JDU) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बीच चंदे की जंग छिड़ गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर गरमाया हुआ है।
बिहार की राजनीति में भूचाल: JDU पर चंदे के आरोपों पर अशोक चौधरी का राजद को करारा जवाब
JDU पर चंदे के आरोपों से गरमाई बिहार की राजनीति
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी और बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह के हालिया बयानों पर तीखा पलटवार किया है। सुनील कुमार सिंह ने विधान परिषद में जनता दल यूनाइटेड (JDU) पर कुछ कंपनियों से करोड़ों रुपये का चंदा लेने का आरोप लगाया था। इस आरोप के बाद से बिहार का राजनीतिक गलियारा काफी गर्म हो गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सुनील सिंह ने दावा किया था कि एक ऐसी कंपनी ने भी चंदा दिया है जिसका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। उन्होंने इस पर तत्काल जवाब की मांग की थी, जिसके बाद जदयू की ओर से मंत्री अशोक चौधरी ने मोर्चा संभाला।
अशोक चौधरी ने सुनील कुमार सिंह के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें ‘झूठा’ करार दिया। उन्होंने कहा कि सुनील सिंह, जो सहकारिता बैंक के अध्यक्ष भी हैं, को अपनी विश्वसनीयता पहले खुद जांचनी चाहिए। मंत्री ने सवाल उठाया कि क्या सुनील सिंह खुद अपने पद का दुरुपयोग नहीं कर रहे हैं, क्योंकि सहकारिता बैंक में भी कई अनियमितताओं की खबरें आती रही हैं। उन्होंने राजद को घेरते हुए कहा कि यह उनकी पुरानी आदत है कि वे बिना किसी ठोस सबूत के सिर्फ आरोप लगाना जानते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी राजद पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके नेता पहले अपने गिरेबान में झांकें। उन्होंने कहा कि राजद का इतिहास ही घोटालों और भ्रष्टाचार से भरा पड़ा है, और ऐसे में उन्हें दूसरों पर उंगली उठाने का कोई हक नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उमेश कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि जदयू पूरी पारदर्शिता के साथ काम करती है और सभी राजनीतिक चंदा नियमानुसार ही लिया जाता है।
आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला और आगे की चुनौतियां
अशोक चौधरी ने आगे कहा कि सुनील सिंह जैसे नेता सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए इस तरह के baseless आरोप लगाते हैं। उन्होंने राजद को चुनौती दी कि यदि उनके पास कोई सबूत है तो वे उसे सार्वजनिक करें, अन्यथा इस तरह की ‘फर्जी’ बयानबाजी बंद करें। यह मामला अब बिहार की राजनीति में एक बड़ी बहस का मुद्दा बन गया है, जहां पार्टियां एक-दूसरे पर पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही हैं। इस तरह के राजनीतिक चंदा विवाद अक्सर चुनावों से पहले या बाद में सामने आते रहते हैं, जो मतदाताओं के बीच भी चर्चा का विषय बनते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन आरोपों का आगामी चुनावों पर भी कुछ असर देखने को मिल सकता है। राजद की ओर से सुनील सिंह ने अभी तक अशोक चौधरी के पलटवार पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उम्मीद है कि यह वार-पलटवार का सिलसिला अभी और चलेगा।



