

Patna News: राजनीति के अखाड़े में जब कोई धुरंधर उतरता है, तो स्वागत की रणभेरी कुछ यूं बजती है कि दूर-दूर तक गूंज सुनाई देती है। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत अगवानपुर गांव पहुंचने पर भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां उनके स्वागत में जनसैलाब उमड़ पड़ा।
पटना न्यूज़: अगवानपुर में ललन सिंह के स्वागत की धूम
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के आगमन को लेकर स्थानीय समर्थकों और ग्रामीणों में गजब का उत्साह था। हर तरफ जिंदाबाद के नारे गूंज रहे थे और फूलों की बारिश की जा रही थी। यह दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं लग रहा था, जिसने अगवानपुर की गलियों को जीवंत कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कार्यक्रम की शुरुआत मलाही गांव से हुई, जहां केंद्रीय मंत्री का गर्मजोशी से अभिनंदन किया गया। समर्थकों की भारी भीड़ ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया। मलाही में मिले इस अपार स्नेह के बाद ललन सिंह का काफिला अगवानपुर की ओर बढ़ा, जहां मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान, स्थानीय लोगों में केंद्रीय मंत्री का दौरा एक प्रमुख चर्चा का विषय बना रहा।
जनप्रतिनिधि का जनता से सीधा संवाद
अगवानपुर पहुंचते ही ललन सिंह का स्वागत और भी भव्य हो गया। ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच, स्थानीय नेता और ग्रामीण उनकी एक झलक पाने को बेताब दिखे। यह स्वागत समारोह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता और उनके प्रिय नेता के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक था। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
समर्थकों ने मंत्री का अभिनंदन करते हुए उनके प्रति अपनी आस्था और समर्थन व्यक्त किया। कई ग्रामीणों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री का आगमन उनके लिए गर्व का क्षण है और उन्हें उम्मीद है कि इस तरह के केंद्रीय मंत्री का दौरा क्षेत्र के विकास को नई गति देगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विकास की उम्मीदें और क्षेत्रीय गौरव
इस अवसर पर ललन सिंह ने भी जनता का आभार व्यक्त किया और क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। यह स्वागत समारोह केवल एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह दर्शाता था कि जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधि से कितनी अपेक्षाएं रखती है। इस क्षेत्र में ललन सिंह की लोकप्रियता एक बार फिर सिद्ध हुई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


