

Patna Bird Flu: प्रकृति कभी-कभी अपने ही बच्चों के लिए घातक हो जाती है, जब एक अदृश्य दुश्मन पंख लगाकर कहर ढाता है। इस बार यह खतरा राजधानी पटना पर मंडरा रहा है, जहां बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है, जिससे जनजीवन में चिंता और प्रशासन में हड़कंप है।
Patna Bird Flu: कहाँ-कहाँ हुई पुष्टि और क्या हैं बचाव के उपाय?
राजधानी पटना में बर्ड फ्लू (H5N1) की पुष्टि होने के बाद से स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट पर है। पीसी कॉलोनी, हाई कोर्ट कैंपस और एक पोल्ट्री केंद्र में पक्षियों में एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस पाया गया है, जिससे दहशत का माहौल है। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन इलाकों के एक किलोमीटर के दायरे को ‘संक्रमित क्षेत्र’ घोषित कर दिया है। यह एक गंभीर स्थिति है और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए, संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) को एहतियातन एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है। यह निर्णय सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।
संक्रमित क्षेत्र में पोल्ट्री फार्मों और घरों में पाले गए मुर्गियों और अन्य पक्षियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस इंसानों में भी फैल सकता है, हालांकि इसके मामले दुर्लभ हैं। फिर भी, सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
बर्ड फ्लू से बचाव के लिए प्रशासन के सख्त कदम
जिला प्रशासन ने संक्रमित क्षेत्रों में बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं। एक किलोमीटर के दायरे में सभी प्रकार के पोल्ट्री उत्पादों की खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। साथ ही, लोगों को मृत पक्षियों को न छूने और पोल्ट्री उत्पादों को अच्छी तरह पकाकर ही खाने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं और लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि वे किसी भी असामान्य लक्षण या मृत पक्षी के दिखने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि संक्रमण को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सके, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विशेषज्ञों के अनुसार, एवियन इन्फ्लूएंजा का संक्रमण मुख्य रूप से बीमार पक्षियों के संपर्क में आने से फैलता है। इसलिए, स्वच्छता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाने के लिए तैयार है। यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं कि राजधानी में इस खतरनाक बीमारी को फैलने से रोका जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



