

PM Vishwakarma Yojana: जमुई की धरती पर हुनर का महाकुंभ सज चुका है, जहां कारीगरों के हाथ का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय प्रादेशिक व्यापार मेले में पारंपरिक उत्पादों की रौनक देखते ही बन रही है।
PM Vishwakarma Yojana: कारीगरों के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर
जमुई के जिलाधिकारी श्री नवीन ने दीप प्रज्ज्वलित कर इस भव्य मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों के कौशल विकास और वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इस योजना के माध्यम से कारीगरों को आधुनिक उपकरण, बेहतर बाजार और बैंकिंग सुविधाओं का सीधा लाभ मिल रहा है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। मेले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय हुनर को एक बड़ा मंच प्रदान करना, उन्हें आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ना और आम लोगों के बीच इन कलाओं के प्रति जागरूकता फैलाना है।
एक ही छत के नीचे 55 स्टॉलों पर उत्पादों की भरमार
मेला परिसर में कुल 55 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां जिले के विभिन्न ट्रेडों से जुड़े विश्वकर्मा लाभार्थी अपने हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर रहे हैं। इन स्टॉलों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जो पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों द्वारा बनाए गए उत्पादों को देख और खरीद रहे हैं। यह मेला सही मायनों में ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को जमीन पर उतार रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यहां आने वाले लोग न केवल खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि इन कारीगरों की मेहनत और कला को भी सराह रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
डिजिटल मार्केटिंग और बैंकिंग से जुड़ेंगे कारीगर
कार्यक्रम में मौजूद एमएसएमई-डीएफओ पटना के सहायक निदेशक संजीव कुमार वर्मा ने जिले में योजना के तहत हासिल की गई उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। वहीं, डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल ने इन कारीगरों के सामाजिक उत्थान के महत्व पर जोर दिया। इस मेले का एक और महत्वपूर्ण पहलू कारीगरों को डिजिटल युग से जोड़ना है।

एमएसडीई पटना के उप निदेशक श्री अभिषेक कुमार ने लाभार्थियों को अमेजन और मिशो जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल मार्केटिंग की बारीकियां सिखाईं, ताकि हमारे स्थानीय कारीगर अपने उत्पादों को देश-दुनिया तक पहुंचा सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अतिरिक्त, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मितेश कुमार शांडिल्य ने अन्य औद्योगिक व स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी, जबकि एलडीएम लक्ष्मी एक्का ने बैंकिंग व ऋण संबंधी प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया।
‘वोकल फॉर लोकल’ को सफल बनाने की अपील
यह मेला 28 फरवरी तक चलेगा। जिला प्रशासन ने जमुई के सभी निवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचें और इन हुनरमंद कलाकारों का उत्साहवर्धन करें। प्रशासन का कहना है कि इन उत्पादों की खरीदारी करके ही हम ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को सफल बना सकते हैं और अपने क्षेत्र की कला को जीवित रख सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सिर्फ एक मेला नहीं, बल्कि जमुई के स्वावलंबन का उत्सव है।


