

National Lok Adalat: तारीख पर तारीख के मकड़जाल में उलझे मामलों को जब ‘न्याय’ की संजीवनी मिलती है, तो उसे लोक अदालत कहते हैं। जमुई में इसी की तैयारी जोर-शोर से चल रही है, जहां बैंक कर्जदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष संदीप सिंह की अध्यक्षता में यह बैठक व्यवहार न्यायालय स्थित न्याय सदन के विशाल कक्ष में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक से जुड़े मामलों के अधिकतम निपटारे को सुनिश्चित करना था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन सहित लगभग सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।
National Lok Adalat को सफल बनाने के लिए बैंकों को दिए गए अहम निर्देश
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप सिंह ने बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 14 मार्च को लगने वाली लोक अदालत की सफलता के लिए यह आवश्यक है कि बैंक ऋण प्रकरणों के निपटान में लचीला और नरम रुख अपनाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बैंकों की प्राथमिकता अधिक से अधिक बैंक लोन मामलों का निपटारा होना चाहिए ताकि ऋण धारकों को राहत मिल सके।
न्यायाधीश सिंह ने आगे निर्देश दिया कि वे सभी ऋण धारक, जो समय पर अपना ऋण नहीं चुका पाए हैं और जिनका खाता एनपीए (NPA) हो गया है, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किया जाए। इन नोटिसों के माध्यम से उन्हें सुलह-समझौते के जरिए मामला खत्म करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके अलावा, बैंकों को अपनी शाखाओं में एक ‘हेल्प डेस्क’ स्थापित करने का भी आदेश दिया गया, ताकि ऋण धारकों को उचित जानकारी मिल सके और उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्री-सीटिंग के माध्यम से भी मामलों को सुलझाने पर जोर दिया गया।
बैठक में इन बैंकों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
जिला जज ने इस आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस अवसर का लाभ उठा सकें। बैठक में उपस्थित सभी बैंक अधिकारियों ने इन निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने और अधिकतम मामलों के निस्तारण का संकल्प लिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस महत्वपूर्ण बैठक में एलडीएम लक्ष्मी एक्का के अलावा भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और बिहार ग्रामीण बैंक जैसे प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने आगामी 14 मार्च को व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों में पूरी तरह से जुटने का आश्वासन दिया।


