

Bihar Train Accident: शनिवार का दिन था और मुजफ्फरपुर-गोरखपुर रेलमार्ग पर मौत अपने विकराल पंजे पसारे खड़ी थी, पर नियति को कुछ और ही मंजूर था। एक टूटा ट्रैक, एक तेज रफ्तार ट्रेन और फिर एक चालक की सूझबूझ ने सैकड़ों जिंदगियों को काल के गाल में जाने से बचा लिया।
Bihar Train Accident: मुजफ्फरपुर-गोरखपुर रेल रूट पर टला भयानक हादसा, इंटरसिटी एक्सप्रेस बाल-बाल बची
Bihar Train Accident: कैसे टला बड़ा रेल हादसा?
शनिवार को मुजफ्फरपुर-गोरखपुर रेल रूट पर एक बड़ा हादसा टल गया, जिसने एक पल के लिए यात्रियों की साँसें थाम दीं। इंटरसिटी एक्सप्रेस तीव्र गति से अपनी मंजिल की ओर बढ़ रही थी कि तभी अचानक ट्रैक में खराबी सामने आई। रेल पटरी टूटी हुई थी, जो एक बड़े अनिष्ट का संकेत दे रही थी। हालांकि, ट्रेन चालक ने असाधारण सूझबूझ और त्वरित निर्णय का परिचय देते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाए, जिससे ट्रेन रुक गई और हजारों यात्रियों की जान बच गई। इस घटना के बाद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हर कोई अपने करीबियों की खैरियत जानने को बेताब था। यह घटना फिर एक बार भारतीय रेलवे में रेल सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है, जहां ऐसे तकनीकी फाल्ट गंभीर परिणाम दे सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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यात्रियों में मची चीख-पुकार, फिर मिली राहत
यह हादसा मुजफ्फरपुर और गोरखपुर के बीच हुआ, जो इस व्यस्त रूट पर रेल यात्रा की सुरक्षा पर सवाल उठाता है। चालक की सतर्कता ने भले ही आज एक बड़ी विपत्ति को टाल दिया हो, लेकिन यह घटना रेलवे विभाग को अपनी पटरियों के नियमित रखरखाव और निरीक्षण प्रणाली को और सुदृढ़ करने की चेतावनी देती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यात्रियों ने चालक की बहादुरी और सूझबूझ की जमकर प्रशंसा की। इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए रेलवे प्रशासन को अपनी तकनीकी और मानव संसाधन क्षमताओं को लगातार उन्नत करते रहना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

