

Patna University Student Election: लोकतंत्र की पाठशाला कहे जाने वाले पटना विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में इस बार स्याही नहीं, बल्कि हंगामे ने सुर्खियां बटोरीं। मतदान के दिन ही कुछ ऐसा हुआ कि समूची चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए।
पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव: ‘Patna University Student Election’ में मतपत्र गड़बड़ी से मतदान बाधित!
पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में ‘Patna University Student Election’ को लेकर विवाद
पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के मतदान के दिन पटना कॉलेज परिसर में उस समय सियासी तापमान अचानक बढ़ गया, जब अध्यक्ष पद के निर्दलीय उम्मीदवार रिंकल यादव ने मतपत्र में अपने नाम की त्रुटि को लेकर गंभीर आरोप लगाए। सुबह जैसे ही मतदान प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़नी शुरू की, यह हंगामा खड़ा हो गया। रिंकल यादव का दावा था कि उनके नाम की स्पेलिंग गलत लिखी गई थी, जिससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती थी। उन्होंने इसे चुनावी प्रक्रिया में एक बड़ी चूक और अपने खिलाफ साजिश बताया।
यह घटना तब और गर्मा गई जब रिंकल यादव के समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र एकजुट हो गए और चुनाव अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। छात्रों ने मतदान को तत्काल रोकने और मतपत्रों में सुधार की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन छात्रों का विरोध शांत होने का नाम नहीं ले रहा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। छात्र नेताओं ने इसे लोकतंत्र की मर्यादा का उल्लंघन बताया और निष्पक्ष चुनाव पर सवाल उठाए।
मतदान बाधित: गतिरोध और फिर शुरू हुआ मतदान
मतदान पत्र में त्रुटि सामने आने के बाद मतदान प्रक्रिया को लगभग एक से डेढ़ घंटे तक रोकना पड़ा। चुनाव अधिकारियों ने छात्रों के विरोध और उम्मीदवार की शिकायत को गंभीरता से लिया। शुरुआती जांच के बाद यह स्वीकार किया गया कि मतपत्र में कुछ त्रुटियां थीं जिन्हें सुधारने की आवश्यकता थी। इस दौरान पटना कॉलेज परिसर में गहमागहमी का माहौल बना रहा। छात्रों का हुजूम और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती ने चुनावी दिन को और भी तनावपूर्ण बना दिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
अधिकारियों ने आनन-फानन में डमी मतपत्रों का इस्तेमाल कर सुधार प्रक्रिया शुरू की और सुनिश्चित किया कि मतदान पत्र की गड़बड़ी को ठीक कर लिया जाए। हालांकि, इस घटना ने चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए। रिंकल यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही एक बड़े संस्थान के चुनाव में अस्वीकार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर उनके नाम में हेरफेर किया गया था ताकि उनके मतों को प्रभावित किया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मतदान अधिकारियों द्वारा मतपत्रों में आवश्यक सुधार किए जाने के बाद, लगभग डेढ़ घंटे के विलंब से मतदान प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकी। छात्रों को शांत किया गया और उन्हें आश्वासन दिया गया कि अब मतपत्रों में कोई त्रुटि नहीं है। हालांकि, इस घटना ने छात्रसंघ चुनाव के नतीजों से पहले ही विवादों की छाया डाल दी है। चुनाव में खड़े अन्य उम्मीदवारों ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह देखना होगा कि इस मतपत्र विवाद का चुनाव परिणामों पर क्या असर पड़ता है।


