

Darbhanga News: सरकार ने मछुआरों के लिए उम्मीदों का ऐसा जाल फेंका है, जिसमें गरीबी और बेबसी नहीं, बल्कि तरक्की और खुशहाली की मछलियां फंसेंगी। दरभंगा में अब मछुआरों के दिन फिरने वाले हैं, क्योंकि जिला मत्स्य विभाग ने एक ऐसी योजना शुरू की है जो उनकी आय को दोगुना करने का दम रखती है।
Darbhanga News: क्या है मछुआरों के लिए यह विशेष योजना?
दरभंगा के जिला मत्स्य पदाधिकारी श्री अनुपम कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना के तहत जिले के मछुआरों को 90 प्रतिशत के भारी अनुदान पर “कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज” उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल का सीधा उद्देश्य पारंपरिक रूप से मछली पकड़ने वाले मछुआरा समुदाय को आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों से लैस करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से न केवल उनकी आजीविका अधिक स्थिर और सुरक्षित होगी, बल्कि उनकी मेहनत का सही मूल्य भी मिलेगा।
इस योजना के तहत, लाभार्थियों को मामूली लागत पर उच्च गुणवत्ता वाले जाल और अन्य आवश्यक उपकरण दिए जाएंगे, जिससे वे अधिक कुशलता से मछली पकड़ सकेंगे। यह योजना उन छोटे मछुआरों के लिए एक वरदान है जो आर्थिक तंगी के कारण आधुनिक उपकरण खरीदने में असमर्थ थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
जिला मत्स्य पदाधिकारी श्री अनुपम कुमार ने इस योजना के दूरगामी प्रभावों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस योजना के सफल कार्यान्वयन से मछुआरों की वार्षिक आय और जीवन स्तर में एक बड़ा सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। जब मछुआरों की आय बढ़ेगी, तो इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल स्थानीय बाजारों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, योजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को और बढ़ावा मिलेगा और पलायन जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लगेगा।

