

Bihar Land Records: पुराने बस्तों की स्याही अब एआई के एल्गोरिदम से बदलने वाली है, और फाइलों पर जमी धूल अब तकनीक की हवा से उड़ने को तैयार है। राजस्व विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने अधिकारियों को चैट जीपीटी जैसे आधुनिक टूल्स का इस्तेमाल कर कार्यक्षमता बढ़ाने का निर्देश दिया है, जिससे विभाग की पूरी कार्यप्रणाली में एक क्रांतिकारी बदलाव की नींव रखी गई है।
Bihar Land Records को स्मार्ट बनाने की पहल, अधिकारियों को मिला नया टास्क
मुंगेर के प्रेक्षागृह में शनिवार को ‘राजस्व प्रशासन आपके द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सीधे लोगों की शिकायतें सुनीं और उनके तत्काल निष्पादन का आदेश दिया। इस दौरान अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व प्रशासन को अब स्मार्ट बनाना होगा। प्रधान सचिव ने भू राजस्व पदाधिकारियों, अंचल पदाधिकारियों और बंदोबस्त पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, “आप अपनी कार्य क्षमता को बढ़ाने के लिए चैट जीपीटी, एआई और दूसरे डिजिटल टूल्स का सक्रियता से इस्तेमाल करें।” उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने अधीनस्थों की क्षमता का भी विकास करना चाहिए।
प्रधान सचिव ने मुख्यमंत्री कार्यालय से मिले निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में सर्वे का काम हर हाल में एक साल के भीतर समाप्त करना है। इस कार्य में तेजी लाने के लिए उन्होंने सर्वे अमीनों को अपनी डायरी प्रतिदिन भरकर पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश दिया। पहले यह प्रक्रिया साप्ताहिक थी, लेकिन अब कार्यों का दैनिक प्रतिवेदन सीधे मुख्यालय पहुंचेगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने कार्यालयों में सक्रिय मुंशी और दलालों की प्रथा को दहेज और सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराई बताते हुए इसे जड़ से खत्म करने का संकल्प दोहराया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
मुंगेर में राजस्व कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा
प्रधान सचिव सीके अनिल ने कार्यक्रम के तहत मुंगेर में राजस्व विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिसमें परिमार्जन प्लस की प्रगति, दाखिल-खारिज के मामले, भूमि विवादों का निपटारा और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शामिल थी। इसके अलावा, डीसीएलआर न्यायालयों में लंबित मामले और राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण की अद्यतन स्थिति पर भी विस्तृत जानकारी ली गई। बैठक के बाद मुख्यालय से आए वरीय अधिकारियों को विभिन्न अंचलों की समीक्षा के लिए भेजा गया।
समीक्षा के दौरान मुंगेर जिले के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए, जो इस प्रकार हैं:
- दाखिल-खारिज: 1 अप्रैल 2025 से 26 फरवरी 2026 तक प्राप्त 19,220 आवेदनों में से 13,196 का निष्पादन कर दिया गया, जबकि 6,024 मामले लंबित पाए गए, जिन्हें तुरंत निपटाने का निर्देश दिया गया। ऑनलाइन दाखिल-खारिज में निष्पादन दर 88% रही।
- परिमार्जन प्लस: इस अवधि में प्राप्त 33,410 आवेदनों में से 27,688 का निपटारा हुआ, लेकिन 5,805 मामले अब भी लंबित हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- ई-मापी: ई-मापी से जुड़े 2,406 मामले निष्पादित किए गए हैं और 1,410 मामले लंबित हैं।
एक साल में सर्वे कार्य पूरा करने का लक्ष्य
जिले में चल रहे सर्वे कार्य की समीक्षा में पाया गया कि पांच अंचलों के 306 मौजा में से 108 मौजा का अंतिम प्रकाशन हो चुका है, जबकि 298 मौजा का ड्राफ्ट प्रकाशन किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य इस महत्वपूर्ण भूमि सर्वेक्षण कार्य को एक साल के भीतर पूरा करना है ताकि भूमि विवादों में कमी लाई जा सके। इसके अतिरिक्त, ‘अभियान बसेरा-2’ के तहत जिले में 952 भूमिहीन परिवारों को भूमि आवंटित की गई है, जो कुल सर्वेक्षित 1634 लोगों का 58.26% है।
महाअभियान के तहत प्राप्त 64,916 आवेदनों में से 61,480 आवेदन सही पाए गए, जिनमें जमाबंदी सुधार के 38,889 आवेदन शामिल थे। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, चकबंदी निदेशालय और भू-अर्जन निदेशालय के कई वरीय अधिकारी भी उपस्थित थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

