
Ram Navami 2026: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि सनातन धर्म में विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह दिन भगवान विष्णु के सातवें अवतार, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर भक्तगण प्रभु राम की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Ram Navami 2026: जानिए श्रीराम नवमी 2026 का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
चैत्र मास में आने वाली नवमी तिथि को राम नवमी के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का प्रतीक है, जब वे अयोध्या में राजा दशरथ और माता कौशल्या के पुत्र के रूप में अवतरित हुए थे। साल 2026 में यह पावन पर्व 6 अप्रैल, सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन समस्त देश में भक्तिमय वातावरण छा जाता है और मंदिरों में विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं। माना जाता है कि इस शुभ योग में की गई पूजा-अर्चना और व्रत से साधकों को जीवन में सुख-शांति और समृद्धि प्राप्त होती है। इस पवित्र दिन पर, भक्तों को भगवान राम के आदर्शों को स्मरण करना चाहिए। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
राम नवमी 2026: पूजा विधि और महत्व
भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाने के लिए भक्तगण घरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन प्रातः काल उठकर पवित्र स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध कर भगवान राम की प्रतिमा या चित्र स्थापित करना चाहिए।
श्रीराम नवमी पूजा विधि
- सर्वप्रथम भगवान श्री राम का आह्वान करें और उन्हें जल, पुष्प, अक्षत, चंदन, धूप, दीप अर्पित करें।
- उन्हें तुलसी दल, फल, मिठाई और विशेष रूप से खीर या पंजीरी का भोग लगाएं।
- भगवान राम को पीतांबर वस्त्र अर्पित करें और उनका श्रृंगार करें।
- श्री रामचरितमानस, सुंदरकांड या रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
- आरती करें और सभी उपस्थित भक्तों में प्रसाद वितरित करें।
- इस दिन व्रत रखने वाले लोग फलाहार ग्रहण कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
राम नवमी 2026 शुभ मुहूर्त
यह जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है और इसमें स्थानीय पंचांग के अनुसार slight changes हो सकते हैं।
| विवरण | समय (6 अप्रैल 2026) |
|---|---|
| नवमी तिथि प्रारंभ | 5 अप्रैल 2026, शाम 06:05 बजे |
| नवमी तिथि समाप्त | 6 अप्रैल 2026, रात 08:35 बजे |
| राम नवमी मध्याह्न मुहूर्त | सुबह 11:15 बजे से दोपहर 01:45 बजे तक |
| कुल अवधि | 2 घंटे 30 मिनट |
भगवान राम की कथा और उनका आदर्श जीवन
भगवान श्री राम का जन्म अधर्म का नाश करने और धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। उन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में मर्यादा, त्याग, सत्य और प्रेम का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी धर्म के मार्ग पर अडिग रहना चाहिए। इस दिन भक्त भगवान की लीलाओं का स्मरण कर उनके गुणों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेते हैं। यह पावन पर्व हमें पारिवारिक मूल्यों, पितृभक्ति और समाज सेवा का संदेश देता है, जिससे चारों ओर दिव्य ऊर्जा का संचार होता है।
श्रीराम मंत्र
राम नवमी के दिन भगवान राम के इस मंत्र का जाप अत्यंत शुभकारी माना जाता है:
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं रामचन्द्राय श्रीं नमः।
निष्कर्ष और उपाय
राम नवमी का पर्व हमें यह संदेश देता है कि सत्य और धर्म की हमेशा विजय होती है। इस दिन भगवान राम की पूजा करने के साथ-साथ गरीबों और जरूरतमंदों को दान करना भी बहुत पुण्यदायी माना जाता है। इस पावन अवसर पर आप अपने घर में राम दरबार की स्थापना कर सकते हैं और अखंड रामायण पाठ का आयोजन कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है।







