

Bhagalpur News: शहर की फिजाओं में आज उदासी का आलम है, एक ऐसी शख्सियत के जाने का गम है जिसने समाज को हमेशा जोड़े रखा। रेल यात्री संघ के अध्यक्ष विष्णु खेतान की धर्मपत्नी अनुराधा खेतान के आकस्मिक निधन ने पूरे भागलपुर को स्तब्ध कर दिया है। उनके असामयिक निधन की खबर फैलते ही शहर के सामाजिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।
Bhagalpur News: गौशाला प्रांगण में नम आंखों से दी गई विदाई
भागलपुर स्थित गौशाला के प्रांगण में आयोजित की गई शोकसभा में शहर के हर तबके के लोग अपनी प्रिय अनुराधा खेतान को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। माहौल अत्यंत गमगीन था और हर किसी की आंखें नम थीं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी वर्ग के प्रतिनिधि तथा रेल यात्री संघ के सदस्य और पदाधिकारी उपस्थित हुए। वहां मौजूद लोगों ने अनुराधा खेतान के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके बाद सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। यह एक ऐसी शोकसभा थी जहां हर कोई व्यक्तिगत क्षति महसूस कर रहा था।
इस दुखद अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने अनुराधा खेतान के साथ बिताए पलों को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि अनुराधा जी एक अत्यंत सरल, मिलनसार और गहरे धार्मिक संस्कारों वाली महिला थीं। उनका जीवन समाज सेवा और परोपकार के लिए समर्पित था।
एक अपूरणीय क्षति और सामाजिक प्रेरणा
अनुराधा खेतान सामाजिक कार्यों में हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं। जरूरतमंदों की मदद के लिए वह सदैव तत्पर रहती थीं, फिर चाहे वह किसी भी रूप में हो। उनके निधन को वक्ताओं ने न केवल खेतान परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कई लोगों ने विष्णु खेतान और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्हें इस असीम दुःख की घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
शोकसभा का समापन एक सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ। वहां उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि अनुराधा खेतान की स्मृति को हमेशा जीवित रखा जाएगा और उनके द्वारा शुरू किए गए सामाजिक कार्यों की मशाल को कभी बुझने नहीं दिया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनका सरल और सेवाभावी जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।


