

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 News: टीवी के इतिहास में कुछ शोज ऐसे होते हैं, जो सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज के आईने का काम करते हैं और इस बार क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 ने एक बेहद संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर बात करके दर्शकों को झकझोर दिया है।
क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2: स्मृति ईरानी ने ‘गुड टच-बैड टच’ पर दिया बड़ा संदेश, हर मां-बाप को देखना चाहिए ये एपिसोड!
क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2, स्टार प्लस का वो आइकॉनिक सीरियल, जो एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बार वजह कोई नाटकीय ट्विस्ट या पारिवारिक साज़िश नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर और ज़रूरी विषय पर की गई दिल को छू लेने वाली बातचीत है। शो में तुलसी का अमर किरदार निभाने वालीं, आज की राजनेता स्मृति ईरानी ने ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ जैसे संवेदनशील मुद्दे पर जिस तरह से अपनी बात रखी है, वह वाकई सराहनीय है और एक मजबूत सामाजिक संदेश दे रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 में तुलसी का दमदार किरदार
हाल ही के एपिसोड में एक ऐसी घटना दिखाई गई, जहाँ एक बच्ची के अपहरण के बाद उसकी मानसिक स्थिति को बेहद संवेदनशीलता से उजागर किया गया। इस मुश्किल और दर्दनाक घड़ी में, तुलसी उस बच्ची से बड़े प्यार और धैर्य से बात करती है। वह सीधे तौर पर उस बच्ची से सवाल पूछने के बजाय उसे ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बीच का फर्क समझाती है। तुलसी बच्ची को यह भी भरोसा दिलाती है कि अगर उसके साथ कुछ भी गलत हुआ है, तो उसे चुप रहने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। उसकी आवाज़ मायने रखती है और उसकी सुरक्षा सर्वोपरि है। इस भावुक सीन ने दर्शकों को गहराइयों तक छू लिया, क्योंकि यह सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि हमारे समाज के कई घरों की हकीकत से जुड़ा मुद्दा है।
सामाजिक मुद्दों को अपनी कहानी का हिस्सा बनाना ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की हमेशा से खासियत रही है। इस सीरियल ने कई बार समाज को सोचने पर मजबूर किया है और इस बार भी ऐसा ही हुआ है।
सामाजिक बदलाव की नई मिसाल: शो का प्रभाव
स्मृति ईरानी ने भी इस महत्वपूर्ण विषय पर अपनी राय ज़ाहिर की। उन्होंने बताया कि शो की वापसी सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त ज़रूरी मुद्दों पर खुलकर संवाद करने के वादे के साथ हुई है। पहले भी इस शो में घरेलू हिंसा, महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और बढ़ती उम्र की समस्याओं जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया गया है। लेकिन बच्चों की सुरक्षा पर इतने सीधे और स्पष्ट शब्दों में बात करना सबसे ज़्यादा ज़रूरी था। ऐसे मुद्दे कहानियों में दिखाना आसान नहीं होता, ये दर्शकों को असहज कर सकते हैं, कभी-कभी दिल दुखा सकते हैं, लेकिन अगर इन पर बात नहीं होगी तो समाज में बदलाव कैसे आएगा? स्मृति ईरानी ने दृढ़ता से कहा कि जब तक दर्शक उनके साथ हैं, वे ऐसे संवेदनशील मुद्दों को उठाने से बिल्कुल पीछे नहीं हटेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एपिसोड हमें याद दिलाता है कि मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें और समाज के प्रति हमारी भी कुछ जिम्मेदारियां हैं।
यह शो हर रोज़ रात 10:30 बजे स्टार प्लस पर प्रसारित होता है, और यह खास एपिसोड निश्चित रूप से हर अभिभावक को देखना चाहिए। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो बच्चों को सुरक्षित महसूस कराने और उन्हें अपनी बात कहने के लिए प्रेरित कर सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

