

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में बीते शुक्रवार, 27 फरवरी को जो भूचाल आया, उसने निवेशकों को झकझोर कर रख दिया। एक ही दिन में लाखों-करोड़ों की पूंजी स्वाहा हो गई और बाजार में चौतरफा बिकवाली का दबाव हावी रहा। यह सिर्फ एक दिन की गिरावट नहीं थी, बल्कि इसने हफ्ते भर के प्रदर्शन पर गहरा असर डाला, जहां दिग्गज कंपनियों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा।
Stock Market में महामंदी: 9 टॉप कंपनियों को 2.18 लाख करोड़ का झटका, क्या है आगे की राह?
Stock Market में धड़ाम हुई दिग्गज कंपनियां: कौन हारा, कौन जीता?
शुक्रवार, 27 फरवरी को घरेलू बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखी गई, जिसने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दीं। बीएसई सेंसेक्स 961.42 अंक टूटकर 81,287.19 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 317.90 अंक गिरकर 25,178.65 के स्तर पर दिन की समाप्ति की। इस तेज गिरावट का सीधा असर देश की शीर्ष कंपनियों पर पड़ा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की टॉप-10 कंपनियों में से 9 के मार्केट कैपिटलाइजेशन (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर 2.18 लाख करोड़ रुपये की भारी कमी दर्ज की गई। यानी, पिछले एक हफ्ते में निवेशकों की इतनी बड़ी पूंजी का सफाया हो गया। यह गिरावट बाजार की कमजोर धारणा और वैश्विक संकेतों का नतीजा थी, जिसने निवेशकों को मुनाफावसूली के लिए मजबूर किया।
- दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एयरटेल को सर्वाधिक नुकसान हुआ। कंपनी के मार्केट कैप में करीब 55,852 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
- एचडीएफसी बैंक भी इस बिकवाली से अछूता नहीं रहा, जिसे पिछले सप्ताह जबरदस्त नुकसान का सामना करना पड़ा। इस दौरान कंपनी को 37,580 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
- देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैप में भी करीब 34,846 करोड़ रुपये की गिरावट देखने को मिली।
- कमजोर बाजार संकेतों से कंपनियों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा। बजाज फाइनेंस को 20,316 करोड़ रुपये का झटका लगा।
- आईटी सेक्टर की दिग्गज टीसीएस का मार्केट कैप 18,181 करोड़ रुपये कम हो गया, और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का मार्केट कैपिटलाइजेशन 14,990 करोड़ रुपये घट गया। निफ्टी में गिरावट के साथ इन कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखा गया।
बाजार में उठापटक के बीच हिंदुस्तान यूनिलीवर की चमक
जब बाजार में ज्यादातर शेयर दबाव में थे और निवेशक अपनी पूंजी बचाने की कोशिश कर रहे थे, तब एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने एक अलग ही तस्वीर पेश की। अस्थिर माहौल के बावजूद कंपनी की मार्केट वैल्यू में 5,463 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान कंपनी के शेयरों में निवेशकों ने अपना भरोसा बनाए रखा, जिससे यह गिरावट भरे बाजार में एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर, गिरावट के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी भी देश की नंबर 1 कंपनी बनी हुई है। वहीं, दूसरा स्थान एचडीएफसी बैंक और तीसरा स्थान भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं और घरेलू कारकों का मिला-जुला असर बाजार पर दिख रहा है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी निवेश से पहले विशेषज्ञों की राय अवश्य लें, क्योंकि शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

