

Bagaha Dog Attack: जिंदगी की सुकून भरी राहों में अचानक जैसे मौत का साया मंडरा उठा हो, एक अनियंत्रित कुत्ते के आतंक ने बगहा बाजार में खौफ का मंजर पैदा कर दिया। पश्चिमी चंपारण के बगहा बाजार में रविवार का दिन लोगों के लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं था, जब एक पागल कुत्ते ने दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाया। करीब 12 घंटे के भीतर 60 से अधिक लोगों को कुत्ते ने काट कर घायल कर दिया, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
घायल लोग इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां एंटी-रेबीज इंजेक्शन की किल्लत ने उनकी मुसीबतें और बढ़ा दीं। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के सामने चुनौती खड़ी हो गई, क्योंकि लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या के बीच उपलब्ध संसाधन कम पड़ रहे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bagaha Dog Attack: दहशत और इंजेक्शन की कमी
बताया जा रहा है कि टीके की भारी कमी के कारण कई मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा या निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ा, जहाँ उन्हें अधिक कीमत चुकानी पड़ी। यह स्थिति स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है, विशेषकर जब ऐसे आपातकालीन हालात में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए।
रविवार सुबह से शुरू हुआ यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा, और हर घंटे नए मरीज अस्पताल पहुँचते रहे। कुत्ते का आतंक इतना भयानक था कि लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/। स्थानीय प्रशासन को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि ऐसे जानवरों के हमलों से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।
स्थानीय प्रशासन की भूमिका और आगे की राह
इस घटना ने यह भी सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अस्पतालों में एंटी-रेबीज इंजेक्शन का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में रखा जाता है। यह सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है कि ऐसी आपात स्थितियों में आवश्यक दवाएँ हर समय उपलब्ध हों। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे आवारा और हिंसक कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।



