

Accused Netflix: ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘एक्यूज्ड’ को लेकर दर्शकों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। क्या यह फिल्म सच में मीटू के गंभीर मुद्दे पर एक नई बहस छेड़ती है या फिर सिर्फ एक और औसत दर्जे का ड्रामा बनकर रह जाती है? आइए जानते हैं इस फिल्म के हर पहलू को करीब से।
Accused Netflix: कोंकणा सेन शर्मा की ‘एक्यूज्ड’ क्या मीटू पर ला पाई नया नज़रिया?
Accused Netflix का प्लॉट और इसकी कहानी की बुनावट
फिल्म ‘एक्यूज्ड’ एक ऐसी कहानी है जो मीटू आंदोलन के एक अनछुए पहलू को छूने की कोशिश करती है। इस बार आरोपों का सामना एक पुरुष नहीं, बल्कि एक महिला करती है। कोंकणा सेन शर्मा इसमें एक डॉक्टर की भूमिका में हैं, जिन पर एक के बाद एक मीटू के आरोप लगते जाते हैं। उनकी निजी जिंदगी भी कहानी का अहम हिस्सा है, जहां वह एक महिला डॉक्टर के साथ रिश्ते में हैं और एक शादीशुदा लेस्बियन कपल के तौर पर उनकी जिंदगी में आने वाला तनाव भी दिखाया गया है। आरोपों के बाद उनके रिश्ते पर क्या असर पड़ता है और क्या ये आरोप सच हैं या किसी गहरी साज़िश का हिस्सा, यही फिल्म का मुख्य सस्पेंस है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, फिल्म इस सस्पेंस को अंत तक मज़बूत नहीं रख पाती और दर्शक एक बड़े खुलासे या अप्रत्याशित मोड़ का इंतज़ार करते ही रह जाते हैं।
एक्टिंग के मोर्चे पर कोंकणा सेन शर्मा हमेशा की तरह अपनी छाप छोड़ती हैं। उनकी अदाकारी प्रभावशाली है और वह अपने किरदार को बखूबी निभाती हैं। हाल ही में ‘लापता लेडीज़’ में अपने अभिनय से वाहवाही बटोर चुकीं प्रतिभा रांटा भी यहां अच्छा काम करती हैं। लेकिन, फिल्म की कमजोर पटकथा और ढीला निर्देशन इन प्रतिभाशाली कलाकारों की मेहनत पर पानी फेर देता है। ‘एक्यूज्ड’ की फिल्म समीक्षा करते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि कहानी में दम होने के बावजूद उसे सही ढंग से परोसा नहीं जा सका।
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क्या है ‘एक्यूज्ड’ का अंतिम फैसला?
फिल्म का क्लाइमेक्स काफी निराश करता है और अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाता। दर्शक पूरी फिल्म में जिस बड़े ट्विस्ट की उम्मीद करते हैं, वह अंत तक नहीं मिल पाता। अगर आप केवल टाइम पास के लिए कोई हल्की-फुल्की फिल्म देखना चाहते हैं, तो ‘एक्यूज्ड’ देखी जा सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लेकिन, इसे विशेष रूप से देखने की सिफारिश करना मुश्किल है। हमारी तरफ से इस फिल्म को 5 में से 2 स्टार दिए जा सकते हैं। कहानी में गहराई है, लेकिन उसे पर्दे पर उतारने में मेकर्स चूक गए।
मुख्य बातें:
- कलाकार: कोंकणा सेन शर्मा, प्रतिभा रांटा।
- प्लेटफॉर्म: नेटफ्लिक्स।
- विषय: मीटू आंदोलन के इर्द-गिर्द बुनी महिला पर लगे आरोप की कहानी।
- अभिनय: कोंकणा सेन शर्मा का दमदार अभिनय।
- कमजोर पक्ष: ढीली पटकथा और अप्रभावशाली क्लाइमेक्स।

