

Bihar Weather: फागुन में ही चैत की तपिश, प्रकृति का यह बदला मिजाज बिहार को झुलसाने लगा है। फरवरी के अंत में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे और अब मार्च की शुरुआत भी तेज धूप के साथ हुई है।
बिहार वेदर: इस साल गर्मी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
इस साल बिहार में गर्मी ने अपने आगमन की घोषणा निर्धारित समय से काफी पहले कर दी है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान ने पिछले वर्षों के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया था। मार्च की शुरुआत से ही सूर्यदेव अपने प्रचंड रूप में हैं, जिससे दिन का तापमान लगातार बढ़ रहा है और लोगों को असामयिक गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में यह तपिश और बढ़ेगी।
बिहार वेदर: होली के बाद 40 डिग्री तक पहुंचेगा पारा
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का ताजा अनुमान भयावह चेतावनी दे रहा है। विभाग के मुताबिक, होली के महापर्व के बाद बिहार में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यह सामान्य से कहीं अधिक है और अप्रैल-मई जैसी गर्मी का अहसास मार्च में ही करा देगा। यह अप्रत्याशित वृद्धि न केवल आम जनजीवन को प्रभावित करेगी, बल्कि कृषि और जल संसाधनों पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
राज्य के कई जिलों में फरवरी के अंत में ही तापमान ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। पटना, गया, औरंगाबाद, और कैमूर जैसे क्षेत्रों में सामान्य से अधिक गर्मी महसूस की गई। वर्तमान में भी इन इलाकों में दिन का औसत Bihar Temperature 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जो मार्च के शुरुआती दिनों के लिए असामान्य है। IMD के अधिकारियों ने लोगों को अभी से सावधान रहने और दोपहर में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह के मौसमी बदलाव तेजी से देखे जा रहे हैं। गर्मी की इस शुरुआती दस्तक से आने वाले दिनों में लू चलने की आशंका भी बढ़ गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें यह स्थिति विशेष रूप से उन लोगों के लिए चिंताजनक है जो खुले में काम करते हैं या कमजोर स्वास्थ्य वाले हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जिलों में टूटा रिकॉर्ड, आगे क्या?
होली के तुरंत बाद तापमान में तेज उछाल आने की संभावना है, जिससे गर्मी का प्रकोप और बढ़ जाएगा। यह समय बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए विशेष सावधानी बरतने का है। हाइड्रेटेड रहना और हल्के कपड़े पहनना बेहद जरूरी होगा। यदि बिहार में Bihar Temperature इसी तरह बढ़ता रहा, तो अप्रैल और मई में स्थिति और विकट हो सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ऐसी स्थितियों में पानी की कमी और हीटस्ट्रोक जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।



