back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 2, 2026
spot_img

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार, निवेशकों के 17.50 लाख करोड़ स्वाहा, ईरान-इजरायल युद्ध का खौफ!

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार का दिन निवेशकों के लिए किसी झटके से कम नहीं रहा, जब ईरान-इजरायल तनाव की छाया सीधे घरेलू मार्केट पर पड़ी। बाजार खुलने के साथ ही ‘लाल निशान’ में गोता लगा गया और बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला। विशेषज्ञों की पहले से ही आशंका थी कि मिडिल ईस्ट में पैदा हुए इस भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा, और हुआ भी वही। कच्चे तेल, सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई, वहीं भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर पड़ा। इस उथल-पुथल भरे माहौल में निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

- Advertisement -

भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार: निवेशकों के 17.50 लाख करोड़ स्वाहा, ईरान-इजरायल युद्ध का खौफ!

- Advertisement -

## शेयर बाजार में भारी गिरावट और निवेशकों की चिंताएँ
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में आए भूचाल ने निवेशकों की संपत्ति पर सीधा और गंभीर असर डाला। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स में 2743 अंक की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई, जबकि Nifty 50 करीब 519 अंक फिसलकर दिन की शुरुआत की। बाजार में पूरे दिन बिकवाली का दौर जारी रहा, जिससे निवेशकों के चेहरे पर मायूसी छा गई।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  वैश्विक तनावों से हिल गया आज का Stock Market: सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट

आंकड़ों के मुताबिक, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का कुल मार्केट कैप शुक्रवार को 4,63,50,671.27 करोड़ रुपये था। लेकिन सोमवार को बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में यह घटकर 4,45,91,660.60 करोड़ रुपये रह गया। इसका सीधा मतलब यह है कि सिर्फ एक दिन में निवेशकों को कुल 17,59,010.67 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा। यह गिरावट बाजार में अनिश्चितता और निवेशकों के आत्मविश्वास में कमी का स्पष्ट संकेत है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष का असर सिर्फ शेयर बाजार तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय रुपये पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर 91 रुपये प्रति डॉलर के अहम स्तर को पार कर गया, जो पिछले एक महीने का सबसे निचला स्तर है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के रूप में देखने को मिला। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये पर दबाव डाला और इसमें कमजोरी आई।

रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

इन शेयरों में सबसे ज्यादा मार
सोमवार की गिरावट में बीएसई बास्केट में शामिल कई प्रमुख शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। लार्सन एंड टूब्रो (L&T) के शेयरों में सबसे ज्यादा 5.69 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इंडिगो के शेयर भी 4.30 फीसदी टूटकर कारोबार कर रहे थे। इसके अलावा, अडानी पोर्ट्स, मारुति सुजुकी और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे बड़े शेयरों में भी जोरदार गिरावट ने निवेशकों को हिला दिया। यह स्थिति दर्शाती है कि भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में धैर्य बनाए रखना और जल्दबाजी में कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। बाजार की यह अस्थिरता अस्थायी हो सकती है, लेकिन जब तक मध्य पूर्व में स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है और यह ऐसे झटकों का सामना करने में सक्षम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

ईरान परमाणु कार्यक्रम: क्या तेहरान के पास है परमाणु बम? वैश्विक सुरक्षा पर खतरा!

Iran Nuclear Program: अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य ऑपरेशन के बाद खाड़ी देशों...

Pawan Singh Rajya Sabha: क्या भोजपुरिया किंग पवन सिंह जाएंगे राज्यसभा? सियासी गलियारों में हलचल तेज

Pawan Singh Rajya Sabha: राजनीति की बिसात पर कब कौन सी चाल चलेगी, कोई...

Darbhanga Liquor Smuggling: कमतौल पुलिस का बड़ा एक्शन, खेत में छिपा रखी थी 46 कार्टन विदेशी शराब, एक तस्कर दबोचा

Liquor Smuggling: बिहार में शराबबंदी मानो चूहों और बिल्लियों का खेल बन गई है।...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें