
Patna News: आग की लपटें जब उठती हैं तो सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि लापरवाहियों का पुलिंदा भी खाक हो जाता है। इसी हकीकत से सबक लेते हुए बिहार का अग्निशमन विभाग अब एक्शन मोड में आ गया है, और राजधानी पटना में नियमों को ताक पर रखने वालों की नींद उड़ा दी है।
Patna News: राजस्थान और महाराष्ट्र में हाल ही में हुई भीषण आगजनी की घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं से सबक लेते हुए बिहार का अग्निशमन विभाग अब पूरी तरह सतर्क हो गया है। राजधानी पटना में विभाग ने एक बड़ा अभियान छेड़ते हुए अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले 150 से अधिक संस्थानों को चिन्हित किया है। इन संस्थानों में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर, अवैध रूप से चल रहे होटल और हॉस्टल, अस्पताल तथा कई बहुमंजिला इमारतें शामिल हैं, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
Patna News: क्यों जागा अग्निशमन विभाग और क्या है कार्रवाई?
प्रशासन ने इन सभी संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य अग्निशमन पदाधिकारी मनोज कुमार नट के अनुसार, अब तक लगभग 80 संस्थानों की विस्तृत जांच पूरी की जा चुकी है और बाकी पर भी काम जारी है। जिन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के आवश्यक मानक नहीं पाए गए हैं, उन्हें नोटिस जारी कर एक निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी खामियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगर तय समय में सुधार नहीं किया गया तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ सीधे प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाएगी और उनकी मान्यता रद्द करने के लिए भी वैधानिक एजेंसियों को पत्र लिखा जाएगा।
जांच में सामने आईं चौंकाने वाली खामियां
विभाग द्वारा की गई जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जो यह दिखाते हैं कि कैसे लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। कई इमारतों में तो आग बुझाने के लिए सबसे जरूरी अग्निशामक यंत्र तक मौजूद नहीं थे। ऊंची इमारतों में मानकों के अनुरूप कोई भी फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कई कोचिंग संस्थानों की सीढ़ियां इतनी संकरी हैं कि किसी आपात स्थिति में वहां से सुरक्षित निकलना लगभग असंभव है। यही नहीं, इन संस्थानों में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) का भी कोई प्रावधान नहीं है। कई जगहों पर तो सीढ़ियों के नीचे ही ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण किया गया था, जो एक जलते हुए बम की तरह है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कोचिंग हब पर विभाग की पैनी नजर
राजधानी के मुसल्लहपुर, कंकड़बाग और बोरिंग रोड जैसे इलाके कोचिंग संस्थानों के गढ़ माने जाते हैं। यहां हजारों छात्र रोजाना पढ़ने और रहने आते हैं, जिससे इन इलाकों में हमेशा भीड़भाड़ रहती है। विभाग का मानना है कि इन क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा की अनदेखी किसी बड़े हादसे को निमंत्रण देने जैसा है। इसी खतरे को भांपते हुए विभाग ने विशेष टीमों का गठन किया है, जो सुबह से ही इन इलाकों में घूम-घूमकर संस्थानों के सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल कर रही हैं। यह अभियान लगातार जारी रहेगा और शहर के सभी संवेदनशील इलाकों को इसके दायरे में लाया जाएगा। प्रशासन ने संस्थान संचालकों से अपील की है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
विभाग का सख्त संदेश: नहीं बचेगा कोई दोषी
अग्निशमन विभाग ने साफ कर दिया है कि छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राजधानी में बड़ी संख्या में ऐसे निजी कोचिंग और छात्रावास भी चल रहे हैं, जिनके पास कोई वैध अनुमति तक नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ऐसे अवैध संस्थानों की भी पहचान कर उन पर कार्रवाई की जा रही है। विभाग के इस कड़े रुख के बाद संस्थान संचालकों में हड़कंप मच गया है और कई जगहों पर आनन-फानन में सुरक्षा उपकरणों को लगाने का काम शुरू हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर सतर्कता और सुधार से ही संभावित हादसों को टाला जा सकता है।







