

Fake Currency Racket: कानून के हाथ भले ही लंबे होते हैं, लेकिन कभी-कभी अपराधियों के पैर ज्यादा तेज भागते हैं, पर अंत में जीत हमेशा कानून की ही होती है। समस्तीपुर पुलिस ने एक ऐसी ही मिसाल पेश करते हुए देश की अर्थव्यवस्था को खोखला करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
Fake Currency Racket का मास्टरमाइंड पटोरी से गिरफ्तार
समस्तीपुर पुलिस ने एक बड़ी खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए पटोरी थाना क्षेत्र से एक शातिर अपराधी को धर दबोचा है। गिरफ्तार शख्स की पहचान नेपाल के बारा निवासी नूर मोहम्मद के रूप में हुई है, जो लंबे समय से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के रडार पर था। पुलिस के अनुसार, नूर मोहम्मद पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था और उसकी गिरफ्तारी को जाली भारतीय मुद्रा नोट (FICN) के नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
यह अपराधी भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय था और जाली नोटों की तस्करी के काले कारोबार का एक अहम खिलाड़ी था। उसकी गिरफ्तारी से इस नेटवर्क से जुड़े कई और अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस की यह कार्रवाई उन अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करते हैं।
खुफिया सूचना पर SIT ने की कार्रवाई
जिला पुलिस कप्तान अरविंद प्रताप सिंह ने प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि यह ऑपरेशन पूरी तरह से खुफिया सूचना पर आधारित था। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को अपराध अनुसंधान विभाग के उप महानिदेशक जयकांत से नूर मोहम्मद की पटोरी क्षेत्र में मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही तत्काल एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया और पटोरी थानाध्यक्ष को सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
टीम ने पूरी गोपनीयता के साथ जाल बिछाया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। सही समय पर कार्रवाई करते हुए नूर मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह शायद किसी नई साजिश को अंजाम देने की फिराक में था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस सफल ऑपरेशन ने एक बार फिर बिहार पुलिस की दक्षता को साबित किया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
कौन है 2 लाख का इनामी नूर मोहम्मद?
नूर मोहम्मद, जिसका पिता का नाम एस. मोहम्मद है, नेपाल का रहने वाला है लेकिन उसके तार भारत में फैले जाली नोट के सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं। वह NIA की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था और उसकी तलाश काफी समय से की जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नूर मोहम्मद सिर्फ एक तस्कर नहीं, बल्कि इस रैकेट का एक महत्वपूर्ण मास्टरमाइंड है जो नेपाल के रास्ते भारत में नकली करेंसी की खेप पहुंचाने का काम करता था। उसकी गिरफ्तारी से न केवल समस्तीपुर, बल्कि पूरे देश में फैले इस नेटवर्क की कमर टूट गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। फिलहाल, पुलिस और एनआईए की टीमें उससे कड़ी पूछताछ कर रही हैं ताकि इस रैकेट की पूरी श्रृंखला को उजागर किया जा सके।






