

Maa Shyama Mahotsav: दरभंगा की धरती एक बार फिर साहित्य और संस्कृति के महासागर में गोते लगाने को तैयार है। मौका है दो दिवसीय भव्य आयोजन का, जहां सुर, ताल और ज्ञान की त्रिवेणी बहेगी। जिला पदाधिकारी कौशल कुमार के आदेशानुसार, 7 और 8 मार्च 2026 को श्यामा माई मंदिर परिसर में इस भव्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह महोत्सव संस्कृति एवं साहित्य का एक ऐसा अनूठा संगम होगा, जिसमें बिहार के कोने-कोने से विद्वान, कवि और कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे।
Maa Shyama Mahotsav में जुटेंगे नामचीन कलाकार और विद्वान
महोत्सव के पहले दिन, यानी 7 मार्च 2026 को, कार्यक्रम की शुरुआत आमंत्रित अतिथियों के स्वागत के साथ होगी, जहाँ उन्हें चुनरी, प्रसाद और स्मृति चिन्ह भेंट किए जाएंगे। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन के साथ महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। सत्र का शुभारंभ एक मधुर स्वागत गीत से होगा। दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक मंदिर परिसर में एक कवि गोष्ठी का आयोजन होगा, जिसमें हिंदी एवं मैथिली के जाने-माने कवि अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस कवि सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रमुख कवियों में शामिल हैं:
- डॉ. भीमनाथ झा
- डॉ. अशोक कुमार मेहता
- रामकुमार झा
- आनंद मोहन (मैथिली)
- प्रो. उमेश उत्पल (हिंदी)
- दीप नारायण विद्यार्थी (मैथिली)
- सच्चिदानंद पाठक (मैथिली)
- डॉ. रानी झा (मैथिली)
कवि गोष्ठी के बाद शाम 5:00 बजे से मुख्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसमें राजनंदनी द्वारा भक्ति नृत्य, ममता कुमारी द्वारा सुगम संगीत, और सृष्टि संस्थान द्वारा शास्त्रीय नृत्य जैसी कई मनमोहक प्रस्तुतियां होंगी।
दूसरे दिन विद्वानों की गोष्ठी और लोक कलाकारों का जमेगा रंग
महोत्सव के दूसरे दिन, 8 मार्च को, कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 2:00 बजे से विद्वत गोष्ठी के साथ होगा। इस सत्र में विभिन्न भाषाओं के विद्वान अपने विचार प्रस्तुत करेंगे, जिनमें डॉ. अमलेंदु शेखर पाठक, डॉ. शशीनाथ झा, और डॉ. राजेश्वर पासवान जैसे कई प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं। शाम 5:30 बजे से एक बार फिर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस शाम की प्रमुख प्रस्तुतियों में श्रेया भारद्वाज का कथक नृत्य, श्रीमती मोनी झा का मैथिली लोकगीत, और मोहित कुमार द्वारा लोक नृत्य शामिल होंगे। दरभंगा जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि कार्यक्रम में किसी भी तरह की कोई कमी न रहे। महोत्सव के दोनों दिन सुबह 10:00 बजे से मंदिर परिसर में सामूहिक दुर्गा सप्तशती पाठ का भी आयोजन किया जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
दरभंगा जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं, साहित्य प्रेमियों और सांस्कृतिक अनुरागियों से इस भव्य महोत्सव में शामिल होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने की अपील की है। यह आयोजन मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को एक नया मंच प्रदान करेगा।


