

Rohtas Bio Plant Fire: जलती हुई आग की लपटें, आसमान में छाता धुएं का गुबार और लाखों का नुकसान। रोहतास के बिक्रमगंज में एक बायो प्लांट में लगी भीषण आग ने सोमवार को ऐसा ही कुछ मंजर पेश किया।
रोहतास बायो प्लांट फायर: कैसे शुरू हुई भीषण आग?
Rohtas Bio Plant Fire: यह घटना सोमवार दोपहर करीब 12 बजे घुसियां खुर्द गांव के पास स्थित उत्कर्ष बायो प्लांट में घटी। इस प्लांट में फसल अवशेष (पराली) का उपयोग कर बायोगैस और सीएनजी का उत्पादन किया जाता है। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते इसकी लपटें प्रचंड हो गईं और कुछ ही घंटों में लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। स्थानीय लोगों और प्लांट कर्मियों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग का विकराल रूप देखकर उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जानकारी के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। इस औद्योगिक दुर्घटना ने प्लांट के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग की सूचना मिलते ही बिक्रमगंज और आसपास के अग्निशमन विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग पर काबू पाने में उन्हें घंटों मशक्कत करनी पड़ी। धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था, जिसने क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया।
प्लांट के अंदर रखे ज्वलनशील पदार्थ, जैसे बायोगैस के टैंक और पराली के विशाल ढेर, आग को और भड़का रहे थे। इससे आग बुझाने का कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के क्षेत्र को खाली करवा दिया था ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन प्लांट को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
लाखों का नुकसान और भविष्य की चिंताएं
उत्कर्ष बायो प्लांट के प्रबंधन ने बताया कि आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान लाखों रुपये में है। प्लांट के महत्वपूर्ण उपकरण, स्टोरेज यूनिट्स और कच्चे माल का बड़ा हिस्सा जलकर नष्ट हो गया है। इस घटना से न केवल प्लांट के मालिक, बल्कि यहां कार्यरत मजदूरों और किसानों के लिए भी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं, जो अपनी पराली बेचकर आय अर्जित करते थे। प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं ताकि आग लगने के सही कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह घटना बिहार में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों से जुड़े प्लांट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाती है। बायोगैस और सीएनजी उत्पादन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। स्थानीय निवासियों ने भी प्लांट की सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की मांग की है। इस आगजनी के बाद, प्लांट को फिर से चालू करने में काफी समय और धन लगेगा, जिससे बायोगैस और सीएनजी आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


