

West Bengal Politics: सियासी रणभूमि में जब दिग्गजों की हुंकार गूंजती है, तो फिजाओं में बदलाव की आहट घुल जाती है। पश्चिम बंगाल की धरती पर कुछ ऐसी ही दस्तक सुनाई दी, जब देश के रक्षा मंत्री ने ‘एक देश, एक विधान, एक निशान’ का नारा बुलंद किया।
West Bengal Politics: ‘एक देश, एक विधान, एक निशान’ का नारा बुलंद
देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में चुनावी हुंकार भरते हुए राज्य के लोगों से आगामी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाने का आग्रह किया। ‘परिवर्तन यात्रा’ के तहत एक जनसभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने दृढ़ता से कहा कि पश्चिम बंगाल अब ‘परिवर्तन’ के लिए पूरी तरह तैयार है, और यह बदलाव उनकी पार्टी ही लाएगी। उन्होंने इस विशाल सभा को पश्चिम बंगाल में आसन्न परिवर्तन की “घोषणा” करार दिया। इस संबोधन ने West Bengal Politics में नई हलचल पैदा कर दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सिंह ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल वीरों और क्रांतिकारियों की पवित्र भूमि है। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे बंगाली सपूतों के राष्ट्र निर्माण और परिवर्तन में दिए गए अतुलनीय योगदान को रेखांकित किया। रक्षा मंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि बंगाल की मिट्टी में त्याग और आत्मसम्मान समाहित है। मैंने आपका अभूतपूर्व उत्साह देखा है, और मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि ‘परिवर्तन’ की यह घोषणा बंगाल की धरती से ही हो रही है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि अब परिवर्तन का समय आ गया है। अब झुकना मत। मैं इसे केवल एक रैली नहीं मानता, मैं इसे बंगाल में महान परिवर्तन की ‘घोषणा’ मानता हूँ। इस BJP Rally में उमड़ी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया है।
यह वीरों की भूमि है। यह क्रांतिकारियों की भूमि है। यह नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भूमि है, जिन्होंने कहा था, ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।’ बंगाल की यह भूमि साधारण नहीं है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म भी इसी पावन धरती पर हुआ था। उन्होंने कहा था कि इस देश में ‘दो विधान’, ‘दो निशान’ और ‘दो प्रधान’ नहीं चलेंगे। उस समय उन्होंने जो नारा लगाया था, वह मात्र एक नारा नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय प्रतिज्ञा थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में केंद्र सरकार ने उस प्रतिज्ञा को अक्षरशः पूरा किया है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1 और अब इस देश में ‘दो विधान’, ‘दो निशान’ और ‘दो प्रधान’ कभी नहीं होंगे। यहाँ केवल ‘एक देश, एक विधान, एक निशान’ का सिद्धांत ही लागू होगा।
बंगाल की धरती से बदलाव का बिगुल
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक बार जम्मू-कश्मीर के विशेष संदर्भ में यह स्पष्ट किया था कि दो संविधान (विधान), दो शीर्ष प्रमुख (प्रधान) और दो ध्वज (निशान) का दोहरापन एक राष्ट्र के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता। इससे पहले दिन में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा था कि ‘परिवर्तन’ शब्द पश्चिम बंगाल को “घुसपैठ और भ्रष्टाचार मुक्त” बनाने और तृणमूल कांग्रेस सरकार को भाजपा सरकार से बदलने की जनता की प्रबल इच्छा को दर्शाता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस BJP Rally का उद्देश्य बंगाल में पार्टी की स्थिति मजबूत करना था।

