
Haryana Budget: हरियाणा की चुनावी रणभूमि में नायब सैनी का बजट, जैसे किसी कुशल सारथी ने विकास और सुरक्षा की रथमार्ग पर नए पहिए जोड़े हों। युवाओं से लेकर महिलाओं और पुलिसकर्मियों तक, हर वर्ग को साधने की यह कोशिश क्या रंग लाएगी, यह तो भविष्य बताएगी।
Haryana Budget: हरियाणा में नायब सैनी का मास्टरस्ट्रोक! 5000 बॉडी कैमरे, महिला थाने और ATS का गठन, जानें बजट की 10 बड़ी बातें
Haryana Budget: सुरक्षा और विकास पर विशेष जोर
हरियाणा सरकार ने अगले तीन वर्षों में पुलिस बल को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश करते हुए अगले साल 5,000 ‘बॉडी कैमरे’ खरीदने का प्रस्ताव रखा। इन कैमरों से ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सभी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। यह कदम पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे कानून व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बजट भाषण के दौरान, मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। लोहारू, बरवाला, नरवाना, समालखा, महम, रादौर और पेहोवा में सात नए महिला पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, सोनीपत, गोहाना और बहादुरगढ़ में तीन नए साइबर अपराध पुलिस थाने भी खोले जाएंगे। ये नए थाने विशेष रूप से महिलाओं से जुड़े अपराधों और बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए बनाए जा रहे हैं।
आतंकवादी गतिविधियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए, पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व में एक आतंकवाद-रोधी दस्ता (एटीएस) का गठन किया जाएगा। गुरुग्राम और पंचकूला में एक-एक एटीएस पुलिस थाना भी स्थापित होगा। एटीएस में महिला कमांडो को भी शामिल करने का प्रावधान किया जाएगा, जो महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा दोनों को बढ़ावा देगा।
मुख्यमंत्री ने सदन को यह भी बताया कि फतेहाबाद, चरखी दादरी और पंचकूला में नई जिला जेलों का निर्माण किया जाएगा, जबकि रोहतक को एक उच्च सुरक्षा वाली जेल मिलेगी। इन बुनियादी ढांचागत सुधारों से राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी और अपराधियों पर लगाम लगेगी।
सरकार का लक्ष्य: सभी वर्गों का सशक्तिकरण
बजट पेश करने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि इस बजट का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को सशक्त बनाना है, जिसमें महिलाओं, युवाओं, खिलाड़ियों, किसानों और उद्यमियों पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री सदन में प्रवेश करते समय भगवा रंग की पगड़ी पहने हुए थे, जिसका सत्ता पक्ष के सदस्यों ने ‘जो बोले सो निहाल’ के नारे लगाकर स्वागत किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
हालांकि, इस बजट को लेकर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे “वास्तविकता से परे बयानबाजी” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने राज्य को 55 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज के बोझ तले दबा दिया है। यह एक गंभीर वित्तीय संकट का संकेत है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने भी भाजपा सरकार पर पिछले ग्यारह वर्षों में राज्य के कर्ज के बोझ को लगातार बढ़ाने का आरोप लगाया और इस मुद्दे पर श्वेत पत्र की मांग की। हुड्डा ने दावा किया कि आंतरिक ऋण, लघु बचत, सार्वजनिक क्षेत्र के ऋण और लंबित बिजली बिल व सब्सिडी सहित राज्य की कुल देनदारियां लगभग 55 लाख करोड़ रुपये हैं, जो अर्थव्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को दर्शाता है।
पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने सरकार पर रोजगार सृजन और महंगाई पर नियंत्रण पाने में विफल रहने का भी आरोप लगाया। उन्होंने प्रति व्यक्ति आय वृद्धि के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान प्रति व्यक्ति आय लगभग 37,000 रुपये से बढ़कर लगभग 1.50 लाख रुपये हो गई थी, यानी चार गुना वृद्धि हुई थी। जबकि, भाजपा के 10 वर्षों के शासनकाल में यह केवल दो गुना बढ़ी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह आंकड़ा दर्शाता है कि विकास की गति धीमी हुई है और आम जनता को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।




