
Jammu and Kashmir Prison News: सुरक्षा के कड़े पहरे में, जहां हर दीवार एक कहानी कहती है, वहीं प्रशासन की बदलती चालें नई मिसालें गढ़ती हैं। जम्मू-कश्मीर के कारागार विभाग में एक ऐसा ही महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है, जिसने कमान संभालने वाली एक महिला अधिकारी की नई भूमिका तय की है।
Jammu and Kashmir Prison News: सबा शॉल बनीं श्रीनगर सेंट्रल जेल की नई कमान, जानिए क्यों है यह अहम तैनाती
Jammu and Kashmir Prison News: जम्मू-कश्मीर के जेल विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए सबा शॉल को तत्काल प्रभाव से स्टाफ ऑफिसर टू डायरेक्टर जनरल प्रिज़न्स के पद से स्थानांतरित कर उच्च सुरक्षा वाली सेंट्रल जेल श्रीनगर की जिम्मेदारी सौंपी है। यह तैनाती विभागीय गलियारों में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब सुधारात्मक प्रशासन में नेतृत्व की भूमिकाओं को लेकर नई उम्मीदें जग रही हैं।
## सबा शॉल को श्रीनगर सेंट्रल जेल की कमान: Jammu and Kashmir Prison News में एक नया अध्याय
श्रीनगर के पीरबाग की निवासी सबा शॉल ने 2012 में जम्मू और कश्मीर लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जब उन्होंने सोशल वर्क में अपनी मास्टर डिग्री पूरी की थी। उस दौर में वर्दीधारी सेवाओं में महिलाओं की संख्या काफी सीमित थी। ऐसे में सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (प्रिज़न्स) के पद पर उनका चयन अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि थी और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
शॉल ने अपने करियर की शुरुआत एक वरिष्ठ सामुदायिक विकास सलाहकार के रूप में की थी। बाद में उन्होंने इंडो ग्लोबल सोशल सर्विस सोसाइटी के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर सामाजिक कार्य और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई। जेकेपीएससी परीक्षा में एसपी प्रिज़न्स के लिए ओपन मेरिट की एकमात्र सीट हासिल कर उन्होंने अपनी असाधारण योग्यता का प्रदर्शन किया था।
## करियर का सफर और प्रशासनिक अनुभव
चयन के उपरांत, सबा शॉल ने छह महीने का गहन प्रशिक्षण पूरा किया और केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न सुधारगृहों में अपनी सेवाएं दीं। अपने शुरुआती कार्यकाल में, उन्होंने सेंट्रल जेल कोठबलवाल और कुपवाड़ा जेल में महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किया, जहाँ उन्हें जेल प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े operational पहलुओं की गहरी समझ मिली। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
बाद में, उन्होंने प्रिज़न्स मुख्यालय में भी अपनी सेवाएं दीं, जहाँ उन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। इस दौरान उन्होंने पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर के तौर पर समन्वय, प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने और विभागीय प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संभाले। उनकी यह यात्रा सुधारात्मक प्रशासन के विभिन्न आयामों को समझने और उनमें दक्षता हासिल करने की मिसाल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
## श्रीनगर सेंट्रल जेल की कमान: एक प्रेरक मिसाल
सेंट्रल जेल श्रीनगर, केंद्र शासित प्रदेश की प्रमुख और उच्च सुरक्षा वाली जेलों में से एक है। इसकी कमान संभालना न केवल एक बड़ी जिम्मेदारी है, बल्कि यह सबा शॉल की क्षमता और अनुभव पर विभाग के गहरे भरोसे को भी दर्शाता है। विभागीय सूत्रों का मानना है कि फील्ड और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर व्यापक अनुभव रखने वाली अधिकारी के रूप में सबा शॉल की यह नियुक्ति महिला अधिकारियों के लिए एक प्रेरक उदाहरण के तौर पर देखी जा रही है। यह विभाग में नेतृत्व के विस्तार की दिशा में एक अहम और प्रगतिशील कदम माना जा रहा है।






