
Gopal Mandal: सियासत की पिच पर नेता कब कौन सी गुगली फेंक दें, कोई नहीं जानता। कभी बयानों के तीर चलते हैं तो कभी पिस्टलें लहराई जाती हैं। भागलपुर के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक गोपाल मंडल एक बार फिर अपने पुराने अंदाज को लेकर सुर्खियों में हैं। होलिका दहन के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उनका खुलेआम हथियार लहराते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया है।
भागलपुर के सियासी गलियारों में अक्सर अपने बयानों और अंदाज को लेकर चर्चा में रहने वाले पूर्व विधायक एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो में वह होलिका दहन कार्यक्रम के दौरान मंच पर हाथ में पिस्टल लेकर लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं। सार्वजनिक स्थान पर इस तरह हथियार का प्रदर्शन किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की बातें हो रही हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कुछ देर तक हथियार घुमाने के बाद वह अपने बेटे के साथ नीचे बैठ जाते हैं। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जो अब उनके लिए मुसीबत का सबब बन गई है।
एक बार फिर विवादों में Gopal Mandal
यह कोई पहला मामला नहीं है जब पूर्व विधायक हथियार को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले भी जब वे विधायक थे, तब भागलपुर के मायागंज अस्पताल में अपनी रिवॉल्वर के साथ प्रवेश करने पर काफी हंगामा हुआ था। बार-बार इस तरह की घटनाओं से उनकी छवि पर तो सवाल उठते ही हैं, साथ ही पुलिस प्रशासन के लिए भी यह एक चुनौती बन जाता है। लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में अपेक्षाकृत कम सक्रिय दिख रहे गोपाल मंडल का यह नया अंदाज एक बार फिर उन्हें चर्चा के केंद्र में ले आया है। इस वायरल वीडियो ने उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
SSP के आदेश पर जांच शुरू, FIR दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं। सिटी डीएसपी अजय चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व विधायक के विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस वीडियो के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि हथियार लाइसेंसी है या नहीं और अगर लाइसेंसी है भी तो क्या सार्वजनिक स्थान पर उसका इस तरह प्रदर्शन करना नियमों का उल्लंघन है या नहीं। यदि हथियार अवैध पाया जाता है या लाइसेंसी हथियार के नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो पूर्व विधायक की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।






