
Benipur News: त्योहारों का रंग फीका न पड़े और कोई अनहोनी जश्न में खलल न डाले, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी कमर कस ली है। जिले के सिविल सर्जन से मिले निर्देश के बाद होली पर्व को लेकर बेनीपुर अनुमंडल अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर दी गई हैं। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने विशेष तैयारी की है, ताकि लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा सके।
Benipur News: तीन दिनों के लिए विशेष चिकित्सा दल गठित
अनुमंडल अस्पताल प्रशासन ने होली के मद्देनजर आपातकालीन एवं आकस्मिक सेवाओं को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया है। जानकारी के अनुसार, प्रथम चरण में 3 मार्च से लेकर 5 मार्च तक के लिए एक विशेष व्यवस्था लागू की गई है। इस दौरान चौबीसों घंटे डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में प्रतिनियुक्त किए गए कर्मियों की सूची भी जारी कर दी गई है।
- 3 मार्च को डॉ. वीरेंद्र कुमार और डॉ. कुमार संदेश को दो पैरामेडिकल स्टाफ, चार सुरक्षा कर्मियों और दो चतुर्थवर्गीय कर्मियों के साथ तैनात किया गया है।
- 4 मार्च, यानी होली के दिन की विशेष जिम्मेदारी डॉ. अमन खुर्शीद को सौंपी गई है।
- 5 मार्च को डॉ. देवानंद कुमार और डॉ. कुमार संदेश अपनी टीम के साथ मोर्चा संभालेंगे।
इन सभी टीमों के साथ आवश्यक संख्या में पैरामेडिकल स्टाफ और सुरक्षाकर्मी भी तैनात रहेंगे ताकि आपातकालीन सेवा में कोई बाधा न आए।
24 घंटे अलर्ट पर एम्बुलेंस और रैपिड रिस्पांस टीम
अस्पताल में मौजूद आपातकालीन कक्ष को तो दुरुस्त रखा ही गया है, साथ ही किसी भी दूर-दराज के इलाके से आने वाली सूचना पर तत्काल पहुंचने के लिए एक आकस्मिक चिकित्सा दल का भी गठन हुआ है। इस दल को सभी उपकरणों और आवश्यक दवाओं से लैस एम्बुलेंस के साथ 24 घंटे तत्पर रहने का निर्देश दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस रैपिड रिस्पांस टीम की कमान दो चिकित्सा पदाधिकारियों, डॉ. अमीर सुभानी और डॉ. आशीष राज को सौंपी गई है। उनके साथ पैरामेडिकल स्टाफ और एम्बुलेंस कर्मी भी पूरी तरह से तैयार रहेंगे। यह टीम होली से पहले या बाद में किसी भी तरह की सूचना मिलते ही तत्काल सेवा के लिए उपलब्ध होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि होली के पर्व पर किसी भी नागरिक को चिकित्सा के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।







