
Darbhanga News: विकास की कछुआ चाल ने जब सब्र का बांध तोड़ दिया, तो लोगों का गुस्सा सैलाब बनकर सड़कों पर उतर आया। केवटी प्रखंड के डलबा गांव में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां नागरिक विकास मंच के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों ने विकास कार्यों में हो रही देरी को लेकर हल्ला बोल दिया।
मामला डलबा में कमला नदी पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य से जुड़ा है, जिसकी धीमी रफ्तार ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने सीधे निर्माण स्थल पर ही डेरा डाल दिया और प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी का खुलकर इजहार किया। उनका कहना था कि पुल निर्माण में हो रही अत्यधिक देरी के कारण उन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने एक स्वर में निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की।
Darbhanga News: क्यों अधर में लटका है विकास?
ग्रामीणों का आक्रोश केवल एक पुल तक सीमित नहीं है। मंच ने कई अन्य लंबित विकास कार्य की सूची भी गिनाई। इनमें डलबा वार्ड संख्या-1 में एक अन्य निर्माणाधीन पुल को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग शामिल है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन और ठेकेदार की मिलीभगत से योजनाओं को जानबूझकर लटकाया जा रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ग्रामीणों ने रखी यह प्रमुख मांगें
धरना दे रहे लोगों ने अपनी मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन भी तैयार किया है। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- कोयलास्थान पंचायत में पंचायत राज सरकार भवन का तत्काल निर्माण।
- क्षेत्र में एक सुसज्जित अस्पताल की स्थापना।
- एक कन्या विवाह भवन का निर्माण ताकि सामाजिक समारोहों में सुविधा हो।
- डलबा वार्ड संख्या-1 को मझिगामा पंचायत से जोड़ने वाली संपर्क सड़क का पक्कीकरण।
इस विरोध प्रदर्शन में बैजनाथ यादव, धर्मेश यादव, सुनील यादव, शिवशंकर यादव और हरिवंश यादव समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों के इस आक्रोश पर क्या कदम उठाता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/








