
Kashmir News: जैसे बारूद के ढेर पर एक चिंगारी गिरी हो, कुछ वैसा ही मंजर कश्मीर की वादियों में देखने को मिल रहा है, जहां ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद विरोध की आग सुलग उठी है। अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भड़के प्रदर्शनों के कारण बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी घाटी के कई इलाकों में कर्फ्यू जैसी सख्त पाबंदियां लागू रहीं।
ताजा Kashmir News: घाटी में क्यों और कैसे भड़की हिंसा?
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी शैक्षणिक संस्थानों को शनिवार तक के लिए बंद करने का आदेश दिया है, जबकि मोबाइल इंटरनेट की रफ्तार भी कछुए की चाल से चल रही है। जानकारी के मुताबिक, कश्मीर के कई हिस्सों में बुधवार को भी लोगों की आवाजाही और एक जगह पर इकट्ठा होने पर पूरी तरह से रोक जारी रही। शहर के केंद्र लाल चौक स्थित प्रतिष्ठित घंटा घर को भी सील कर दिया गया है। यह कदम रविवार को खामेनेई की हत्या के बाद हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद उठाया गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।। अगस्त 2019 के बाद यह पहला मौका है, जब कश्मीर में इतने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं।
पहले सरकार ने स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों को केवल दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश जारी किया था। लेकिन मंगलवार को बिगड़ते हालात और बढ़ते विरोध को देखते हुए इस बंदी को शनिवार तक बढ़ाने का फैसला किया गया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि मोबाइल इंटरनेट की गति को लगातार कम रखा जा रहा है और कुछ प्रीपेड मोबाइल कनेक्शनों पर भी अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है।
सड़कों पर उतरे लोग, सुरक्षाबलों से झड़प
मंगलवार को उत्तरी कश्मीर के सुंबल और पट्टन इलाकों समेत घाटी में कई जगहों पर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। बांदीपोरा जिले के सुंबल में तो हालात इतने बिगड़ गए कि प्रदर्शनकारियों की उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को बल का प्रयोग भी करना पड़ा, जिससे घाटी में तनाव और बढ़ गया। इन घटनाओं ने एक बार फिर कश्मीर की नाजुक शांति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
भ्रामक जानकारी फैलाने पर नेताओं के खिलाफ एक्शन
इस बीच, पुलिस ने कथित तौर पर भ्रामक और गलत जानकारी फैलाने के आरोप में कुछ मीडिया संस्थानों और व्यक्तियों पर शिकंजा कसा है। इनमें श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी और श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टू भी शामिल हैं। इन दोनों नेताओं पर डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झूठी, मनगढ़ंत और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने का आरोप है। साइबर पुलिस स्टेशन, श्रीनगर में मेहदी और मट्टू के खिलाफ बीएनएस की धारा 197 (1) (डी) और 353 (1) (बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।






