
JEE NEET: आज के दौर में 12वीं के बाद इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्रों में करियर बनाने का सपना देखने वाले छात्रों को अक्सर कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के मेधावी छात्रों के लिए महंगे कोचिंग संस्थानों की फीस भर पाना मुश्किल होता है, जिससे उनके सपने अधूरे रह जाते हैं। इस गंभीर समस्या को समझते हुए बिहार सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसके तहत अब राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी इन बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष तैयारी कराई जाएगी।
बिहार के सरकारी स्कूलों में अब होगी JEE NEET की मुफ्त तैयारी, साकार होंगे छात्रों के सपने
आज के दौर में 12वीं के बाद इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्रों में करियर बनाने का सपना देखने वाले छात्रों को अक्सर कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के मेधावी छात्रों के लिए महंगे कोचिंग संस्थानों की फीस भर पाना मुश्किल होता है, जिससे उनके सपने अधूरे रह जाते हैं। इस गंभीर समस्या को समझते हुए बिहार सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसके तहत अब राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी इन बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष तैयारी कराई जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बिहार सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत राज्य के हर ब्लॉक में एक मॉडल स्कूल स्थापित किया जाएगा। इन मॉडल स्कूलों का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे कि JEE, NEET और अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। यह पहल उन लाखों छात्रों के लिए आशा की किरण लेकर आई है, जो आर्थिक बाधाओं के कारण अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर नहीं पाते थे। अब उन्हें भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन मिल सकेगा।
सरकारी स्कूलों में JEE NEET की तैयारी: एक नई दिशा
इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि छात्रों को नौवीं कक्षा से ही इन कठिन परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा। आमतौर पर छात्र 11वीं या 12वीं में जाकर तैयारी शुरू करते हैं, जब उनके पास समय कम और पाठ्यक्रम व्यापक होता है। लेकिन अब मॉडल स्कूलों में बच्चों की नींव शुरू से ही मजबूत की जाएगी। इन स्कूलों में अनुभवी और विषय विशेषज्ञ शिक्षक पढ़ाएंगे, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न और आवश्यकताओं से भली-भांति परिचित होंगे। नियमित टेस्ट सीरीज का आयोजन किया जाएगा, जिससे छात्र अपनी प्रगति का आकलन कर सकें। इसके अतिरिक्त, डाउट क्लियरिंग सेशन, करियर काउंसलिंग और आधुनिक सुविधाओं से युक्त लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। छात्रों को उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें किसी अलग कोचिंग की आवश्यकता न पड़े।
मॉडल स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया और योग्यता
मॉडल स्कूलों में सीधे तौर पर प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके लिए एक प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी, जो राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के तत्वावधान में होगी। इस प्रवेश परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों को उनकी योग्यता और मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करेगा कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र गंभीर और मेहनती हों, जिससे पढ़ाई का माहौल और भी बेहतर बना रहे। जिन छात्रों का चयन होगा, उनकी प्रगति पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी और उन्हें नियमित रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुसार मार्गदर्शन दिया जाएगा।
- पात्रता: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र।
- प्रवेश प्रक्रिया: राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा में सफलता और मेरिट के आधार पर।
- तैयारी का स्तर: नौवीं कक्षा से ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण।
सरकार की योजना है कि राज्य के सभी 543 ब्लॉकों में ये मॉडल स्कूल इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू किए जाएं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अगर यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो यह बिहार में शिक्षा के परिदृश्य को बदल देगी और हजारों प्रतिभाशाली छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने वाले छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है और वे देश के शीर्ष इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पा सकेंगे।
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