
Stock Market: देश की प्रमुख वायर निर्माता कंपनी पॉलीकैब इंडिया को आयकर विभाग से 327.45 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नोटिस मिला है, जिसने निवेशकों के बीच हलचल मचा दी है। इस खबर के बाद बुधवार को कंपनी के शेयर दबाव में आ गए, जिससे इसकी शानदार विकास यात्रा पर अस्थायी ब्रेक लग गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब पॉलीकैब के शेयर पिछले तीन सालों में 170 प्रतिशत और पांच सालों में 513 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न देकर अपने निवेशकों को मालामाल कर चुके हैं।
Stock Market: पॉलीकैब इंडिया को आयकर विभाग का बड़ा झटका, शेयरों में गिरावट क्यों?
पॉलीकैब के शेयरों पर आयकर विभाग का असर और Stock Market की प्रतिक्रिया
आयकर विभाग से मिले इस नोटिस के कारण बुधवार को पॉलीकैब के शेयर 8548.40 रुपये के अपने पिछले बंद भाव के मुकाबले 3.09 प्रतिशत गिरकर 8283.95 रुपये पर बंद हुए। इस दौरान कंपनी के 0.14 लाख शेयरों की बिक्री हुई, जिसका टर्नओवर 11.28 करोड़ रुपये रहा। इस गिरावट के साथ कंपनी का मार्केट कैप 1.24 लाख करोड़ रुपये रह गया। यह नोटिस असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए मुंबई के डिप्टी कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स द्वारा जारी किया गया है, जिसने Share Market में कंपनी की स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। आयकर विभाग ने अपनी जांच में पाया कि कंपनी ने लगभग 41.87 करोड़ रुपये के कुछ खर्चों को अस्वीकार कर दिया है, जिसे विभाग ने टैक्स कम दिखाने के उद्देश्य से की गई अनुचित प्रविष्टि माना।
कंपनी का दावा और कानूनी रुख
पॉलीकैब इंडिया का कहना है कि इस डिमांड नोटिस में गणना संबंधी गंभीर त्रुटियां हैं। कंपनी के मुताबिक, वास्तविक अस्वीकृति (Disallowances) केवल 41.87 करोड़ रुपये की है, जिसे बढ़ाकर 327.45 करोड़ रुपये कर दिया गया है। कंपनी ने इस नोटिस के खिलाफ सुधार आवेदन (Rectification Application) दाखिल करने और ऊपरी अधिकारियों के पास अपील करने की बात कही है। कंपनी को दृढ़ विश्वास है कि इस कानूनी प्रक्रिया के बाद डिमांड नोटिस में उल्लेखनीय कमी आएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 143(3) के तहत पारित आकलन आदेश के जरिए कुल 41.87 करोड़ रुपये की कुछ अस्वीकृतियां और जोड़ किए गए हैं। उस आदेश के अनुसार, अधिनियम की धारा 156 के तहत जारी डिमांड नोटिस के जरिए 327.45 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
आगे क्या होगा? कंपनी की रणनीति
पॉलीकैब ने स्पष्ट किया है कि उसने अपने टैक्स सलाहकारों से परामर्श करके पाया है कि डिमांड आकलन आदेश में किए गए अतिरिक्त से अधिक है, जो कुछ कम्प्यूटेशनल/लिपिकीय गलतियों के कारण है। इन त्रुटियों को अधिनियम की धारा 154 के तहत ठीक किया जा सकता है। इसलिए, कंपनी ने क्षेत्राधिकार मूल्यांकन अधिकारी के सामने सुधार के लिए आवेदन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निवेशक और उद्योग जगत इस घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं कि कंपनी कैसे इस कानूनी चुनौती का सामना करती है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। इस पूरे मामले का निपटारा होने तक Share Market में पॉलीकैब के शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी की अपील पर क्या निर्णय आता है और इसका भविष्य की कमाई पर क्या असर पड़ता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मुख्य बातें:
- आयकर नोटिस: पॉलीकैब इंडिया को 327.45 करोड़ रुपये का टैक्स डिमांड नोटिस मिला।
- गिरावट: खबर के बाद शेयर में 3.09% की गिरावट दर्ज की गई।
- कंपनी का दावा: कंपनी ने डिमांड में गणना संबंधी त्रुटियां बताते हुए इसे 41.87 करोड़ रुपये बताया।
- कानूनी कार्रवाई: कंपनी ने सुधार आवेदन और अपील दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू की।
- बाजार पूंजीकरण: कंपनी का मार्केट कैप घटकर 1.24 लाख करोड़ रुपये रह गया।
- पिछले प्रदर्शन: तीन साल में 170% और पांच साल में 513% का मल्टीबैगर रिटर्न।
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