
Lorika Village: होली के रंगों पर जब जातीय संघर्ष का कीचड़ उछला, तो सिंहवाड़ा का भरहुल्ली पंचायत दहल गया। अमन और भाईचारे का त्योहार देखते ही देखते हिंसा और आरोपों के घेरे में आ गया, जिसकी गूंज अब थाने तक पहुंच चुकी है।
Lorika Village में जातीय संघर्ष ने लिया भयानक रूप, शराब के धंधे का विरोध करने पर दलित परिवार पर हमला, पुलिस पर भी चले पत्थर!
सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भरहुल्ली पंचायत स्थित लोरिका गांव में होली के दिन हुई जातीय झड़प और पुलिस पर पथराव के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में गांव के ही पीड़ित राम प्रसाद चौपाल के बयान पर सिंहवाड़ा थाने में एससी-एसटी एक्ट के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस एफआईआर में 30 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है, जबकि 20 से 25 अज्ञात लोगों पर भी आरोप लगाए गए हैं।
Lorika Village में आखिर क्यों भड़की हिंसा?
पीड़ित राम प्रसाद चौपाल ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि पूरे विवाद की जड़ गांव में चल रहा अवैध शराब का धंधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने गांव में शराब बनाने और बेचने का विरोध किया तो दबंगों ने उनके परिवार को निशाना बनाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पीड़ित के अनुसार, गांव के ही अमरजीत सहनी और अशोक सहनी ने उनके भाई अनिल चौपाल को पकड़ लिया और यह कहते हुए मारपीट शुरू कर दी कि “तुम पुलिस को हमारे धंधे की सूचना क्यों देते हो?”
जब मारपीट की खबर परिवार तक पहुंची, तो राम प्रसाद चौपाल और अन्य लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह अपने भाई को वहां से बचाकर घर लाए। लेकिन मामला यहीं शांत नहीं हुआ। आरोप है कि इसके तुरंत बाद दोनों मुख्य आरोपियों ने अपने साथियों विकास सहनी, अखिलेश सहनी, गुलाब सहनी, गोलू सहनी, समेत दर्जनों अन्य लोगों के साथ मिलकर उनके घर पर धावा बोल दिया।
पुलिस पर हमला और SC/ST एक्ट में FIR
हमलावरों ने न केवल जातिसूचक गालियां दीं, बल्कि परिवार के सभी सदस्यों के साथ बेरहमी से मारपीट भी की। इस हमले में पीड़ित के पिता सीताराम चौपाल समेत परिवार के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जब स्थिति बेकाबू हो गई, तो परिवार ने पुलिस को इसकी सूचना दी। लेकिन जैसे ही पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंची, आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने पुलिस की गाड़ी पर पथराव किया, जिससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई और कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर सख्त कार्रवाई की है। सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष बसंत कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर के आलोक में गहन अनुसंधान किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस अब नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।





