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मार्च, 6, 2026
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IIT Patna का मास्टरस्ट्रोक: बिहार के 480 इंजीनियरों को मिलेगी विश्वस्तरीय ट्रेनिंग, अब गांवों में बनेंगी धांसू सड़कें

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IIT Patna: बिहार की ग्रामीण सड़कों की सूरत अब बदलने वाली है, क्योंकि विकास की कलम अब इंजीनियरों के हाथ में नहीं, बल्कि उनके दिमाग में डाली जा रही है। प्रदेश की ग्रामीण अवसंरचना को मजबूती देने के लिए यह एक अभूतपूर्व पहल मानी जा रही है।

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बिहार सरकार अब ग्रामीण इलाकों में बनने वाली पक्की सड़कों और पुलों की गुणवत्ता को लेकर बेहद गंभीर है। ग्रामीण कार्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है, जिसका मुख्य केंद्र केवल ढांचागत विस्तार नहीं, बल्कि निर्माण की तकनीकी मजबूती और दीर्घकालिक गुणवत्ता है। इसी लक्ष्य को साधने के लिए विभाग ने अपने अभियंताओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिलाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

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क्यों पड़ी IIT Patna में ट्रेनिंग की ज़रूरत?

निर्माण कार्यों में उच्चतम तकनीकी मानकों को स्थापित करने के उद्देश्य से विभाग ने अपने नवनियुक्त 480 सहायक अभियंताओं (असैनिक) को आईआईटी, पटना में चरणबद्ध तरीके से विशेष प्रशिक्षण दिलाने की शुरुआत की है। इस पहल का सीधा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के ग्रामीण पथ और पुल निर्माण के हर चरण में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन अभियंताओं को उनके कार्यक्षेत्र में लागू की जा रही परियोजनाओं में नवीनतम तकनीक का उपयोग करने और अपनी कार्यक्षमता को और बेहतर बनाने के गुर सिखाए जा रहे हैं।

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इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अब तक 120 सहायक अभियंताओं का बैच अपना प्रशिक्षण पूरा कर चुका है। विभाग ने लक्ष्य रखा है कि जुलाई 2026 तक शेष 360 सहायक अभियंताओं को भी आईआईटी, पटना से प्रशिक्षित कर दिया जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह प्रशिक्षण अभियंताओं को व्यावहारिक और सैद्धांतिक, दोनों स्तरों पर मजबूत बनाएगा।

ट्रेनिंग से कैसे बदलेगी गांवों की तस्वीर?

इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण का सीधा और सकारात्मक प्रभाव राज्य की उन सभी आगामी योजनाओं पर पड़ेगा, जिन्हें आने वाले वित्तीय वर्षों में धरातल पर उतारा जाना है। जब प्रशिक्षित अभियंता मैदान में उतरेंगे, तो हर ग्रामीण सड़क निर्माण परियोजना में गुणवत्ता स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विभाग का लक्ष्य केवल गांवों को सड़कों से जोड़ना नहीं, बल्कि बारहमासी और मजबूत सड़क सम्पर्कता सुनिश्चित करना भी है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को उद्योगोन्मुखी बनाया जा सके।

आईआईटी, पटना जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से मिला प्रशिक्षण यह सुनिश्चित करेगा कि ग्रामीण कार्य विभाग राज्य की ग्रामीण सम्पर्कता को दीर्घकालिक और टिकाऊ बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को सफलतापूर्वक पूरा करे। यह कदम बिहार के ग्रामीण विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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