
Patna News: गर्मी का पारा चढ़ने से पहले ही बिजली विभाग ने अपनी कमर कस ली है, ताकि पटनावासियों को पसीने के साथ-साथ बिजली कट की दोहरी मार न झेलनी पड़े। राजधानी में इस साल गर्मियों में बिजली की ओवरलोड समस्या से निपटने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है। शहर के चार अलग-अलग इलाकों में नए पावर सब-स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जिससे करीब पांच लाख लोगों की जिंदगी रौशन होगी।
Patna News: इन इलाकों में बनेंगे नए पावर ग्रिड
पेसू (पटना विद्युत आपूर्ति प्रतिष्ठान) के जीएम दिलीप कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि हर साल गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग और ओवरलोड की समस्या को देखते हुए नए पावर सब-स्टेशन (पीएसएस) का निर्माण किया जा रहा है। इसी योजना के तहत इस वर्ष पेसू पश्चिमी क्षेत्र में आसोपुर, उसरी और बिहटा में, जबकि पूर्वी क्षेत्र में जगनपुरा के खेमनीचक इलाके में पावर स्टेशन का निर्माण चल रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन नए सब-स्टेशनों के शुरू हो जाने से लगभग 5 लाख से अधिक की आबादी को निर्बाध बिजली मिल सकेगी, जिससे उन्हें गर्मी में राहत मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार, आसोपुर में नया पावर सब-स्टेशन बनकर लगभग तैयार है और वहां लगे ट्रांसफॉर्मर को चार्जिंग में लगा दिया गया है। हर सब-स्टेशन पर 10-10 एमवीए क्षमता के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे ताकि अधिकतम खपत होने पर भी आपूर्ति में कोई बाधा न आए। वर्तमान में शहर में 75 से अधिक पावर सब-स्टेशन काम कर रहे हैं और यह नए स्टेशन इस नेटवर्क को और मजबूती देंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
बढ़ती खपत को पूरा करने की तैयारी
पिछले दो वर्षों के आंकड़े देखें तो गर्मियों में पटना शहर की बिजली की दैनिक खपत 1000 मेगावाट के पार चली जाती थी। पेसू ने इस बढ़ी हुई मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस साल यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शहर में बिजली की अधिकतम मांग 1200 से 1400 मेगावाट तक पहुंच सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी बढ़ी हुई मांग को पूरा करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह तैयारी की जा रही है।
सिर्फ पटना ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार में गर्मियों में बिजली की मांग लगभग 10,000 मेगावाट तक पहुंच गई थी, जिसे नॉर्थ बिहार और साउथ बिहार बिजली वितरण कंपनियों ने मिलकर बखूबी पूरा किया। इन नए पावर सब-स्टेशनों के निर्माण से राजधानी पटना का पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगा।





