
Aaj Ka Panchang: सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य को प्रारंभ करने से पहले पंचांग का अवलोकन करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह हमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण जैसी दिव्य गणनाओं के माध्यम से दिन के शुभ और अशुभ समय की जानकारी प्रदान करता है, जिससे हम अपने कार्यों को विधिपूर्वक संपन्न कर सकें।
आज का पंचांग: 06 मार्च 2026, शुक्रवार
प्रत्येक दिन ग्रहों और नक्षत्रों की चाल में परिवर्तन होता रहता है, जिसका सीधा प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है। 06 मार्च 2026, शुक्रवार का दिन भी इन खगोलीय गणनाओं के अनुसार विशेष है। आज चैत्र कृष्णपक्ष की तृतीया तिथि संध्या 05 बजकर 16 मिनट तक रहेगी, उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ हो जाएगा। यह एक ऐसा संक्रमण काल है जब देवी शक्ति की उपासना का भी विशेष महत्व होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आइए जानते हैं आज के दिन की प्रमुख ज्योतिषीय गणनाएं और आपके लिए क्या है विशेष।
06 मार्च 2026 आज का पंचांग: शुभ-अशुभ मुहूर्त
आज के पंचांग के अनुसार, तिथि, वार और नक्षत्र के समन्वय से कई शुभ योग और अशुभ काल निर्मित होते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए शुभ मुहूर्त का चयन अत्यंत आवश्यक है, जबकि अशुभ काल में महत्वपूर्ण कार्यों से बचना चाहिए।
शुभ मुहूर्त
| मुहूर्त | समय |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 04:54 बजे से 05:42 बजे तक |
| अभिजित मुहूर्त | दोपहर 12:09 बजे से 12:56 बजे तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:30 बजे से 03:17 बजे तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06:19 बजे से 06:43 बजे तक |
| अमृत काल | सुबह 09:25 बजे से 10:59 बजे तक |
अशुभ मुहूर्त
| काल | समय |
|---|---|
| राहुकाल | सुबह 10:59 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक |
| यमगंड | दोपहर 03:26 बजे से 04:55 बजे तक |
| गुलिक काल | सुबह 07:41 बजे से 09:10 बजे तक |
| दुर्मुहूर्त | सुबह 08:52 बजे से 09:39 बजे तक और फिर दोपहर 12:56 बजे से 01:43 बजे तक |
| वर्ज्य | रात 09:24 बजे से 10:58 बजे तक |
आज की तिथि और नक्षत्र
- तिथि: चैत्र कृष्णपक्ष की तृतीया तिथि संध्या 05 बजकर 16 मिनट तक रहेगी, उपरांत चतुर्थी तिथि आरंभ हो जाएगी। तृतीया तिथि जहां कला और सौंदर्य से जुड़े कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है, वहीं चतुर्थी तिथि विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है।
- नक्षत्र: आज का मुख्य नक्षत्र हस्त रहेगा, जो सुबह से लेकर अगले दिन सुबह तक प्रभावी रहेगा। हस्त नक्षत्र रचनात्मकता, कला और शिल्प से जुड़े कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र में शुरू किए गए कार्य सफल होते हैं और व्यक्ति को सुख-समृद्धि मिलती है।
- योग: आज व्याघात योग है। यह योग कुछ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है, विशेषकर उन कार्यों के लिए जिनमें स्थिरता और शांति की आवश्यकता हो।
- करण: आज गर करण रहेगा, जिसके बाद वणिज करण और फिर विष्टि करण का प्रभाव रहेगा। विष्टि करण को भद्रा के नाम से भी जाना जाता है और इसमें शुभ कार्यों से बचना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- सूर्योदय और सूर्यास्त: सूर्योदय सुबह 06 बजकर 26 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 06 बजकर 18 मिनट पर होगा।
- चंद्रोदय और चंद्रास्त: चंद्रोदय रात 09 बजकर 31 मिनट पर होगा और चंद्रास्त अगले दिन सुबह 08 बजकर 27 मिनट पर होगा।
आज का दिशा शूल और चंद्र राशि
आज शुक्रवार होने के कारण पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा। इस दिशा में यात्रा से बचें या यात्रा पर निकलने से पहले दही का सेवन करके घर से निकलें। आज चंद्रमा कन्या राशि में संचरण करेंगे, जिससे कन्या राशि वालों के लिए यह दिन शुभ फलदायी हो सकता है।
आज के लिए विशेष उपाय
आज शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से धन-धान्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। आप माता लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें और श्री सूक्त का पाठ करें। इससे आपके जीवन में सकारात्मकता आएगी और सभी बाधाएं दूर होंगी।
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यह था 06 मार्च 2026, शुक्रवार का विस्तृत पंचांग। अपने दिन की शुरुआत सकारात्मकता और आध्यात्मिकता के साथ करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





