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मार्च, 6, 2026
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चैत्र नवरात्रि 2026: मां दुर्गा का आगमन और पूजा विधि

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Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह नौ दिनों का पावन उत्सव शक्ति की देवी मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों को समर्पित है, जो भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि और शांति लाते हैं।

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चैत्र नवरात्रि 2026: मां दुर्गा का आगमन और पूजा विधि

Chaitra Navratri 2026: तिथियां और घटस्थापना का महत्व

यह महापर्व हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है। वर्ष 2026 में, यह पवित्र उत्सव 19 मार्च से प्रारंभ होगा। इन नौ दिनों में भक्तगण मां आदिशक्ति की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना और व्रत रखते हैं। इस बार मां दुर्गा का आगमन पालकी पर होगा, जो शुभ संकेत माना जाता है। मां का पालकी पर आगमन यह दर्शाता है कि आने वाले समय में देश और समाज में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहेगी। जबकि मां का प्रस्थान मुर्गे पर होगा, जिसका ज्योतिषीय महत्व भी अलग है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन नौ दिनों में **घटस्थापना** के साथ ही मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना की जाती है। इस दौरान, कलश स्थापना जिसे **घटस्थापना** भी कहते हैं, एक प्रमुख अनुष्ठान है जो नवरात्रि पूजा का आधार होता है। यह देवी शक्ति के आह्वान का प्रतीक है।

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धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

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चैत्र नवरात्रि 2026 की प्रमुख तिथियां

| विवरण | तिथि |
| :——————– | :————- |
| चैत्र नवरात्रि प्रारंभ | 19 मार्च 2026 |
| घटस्थापना | 19 मार्च 2026 |
| मां दुर्गा का आगमन | पालकी पर |
| मां दुर्गा का प्रस्थान | मुर्गे पर |

चैत्र नवरात्रि पूजा विधि

* नवरात्रि के पहले दिन सुबह उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
* पूजा स्थान को गंगाजल से पवित्र करें और चौकी स्थापित करें।
* मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
* कलश स्थापना करें। कलश में जल भरकर उसमें कुछ सिक्के, सुपारी, अक्षत और आम के पत्ते डालें। इसके मुख पर नारियल रखें।
* मां दुर्गा के प्रत्येक स्वरूप का ध्यान करें और मंत्रों का जाप करें।
* माता को फल, फूल, मिठाई और श्रृंगार का सामान अर्पित करें।
* दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और आरती करें।
* नौ दिनों तक व्रत रखें या अपनी श्रद्धा अनुसार एक या दो दिन का व्रत भी रख सकते हैं।

धार्मिक महत्व और मान्यताएं

मां दुर्गा का पालकी पर आगमन सुख-समृद्धि का सूचक है, जबकि मुर्गे पर प्रस्थान भविष्य में कुछ चुनौतियों और परिवर्तनों का संकेत दे सकता है। इन नौ दिनों में मां शक्ति की आराधना से सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह अवधि आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। नवरात्रि में मां शक्ति की उपासना से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक शांति भी प्राप्त होती है।

मां दुर्गा का महामंत्र

ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।

चैत्र नवरात्रि का यह पावन अवसर हमें अपनी आंतरिक शक्ति को जगाने और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मां दुर्गा की कृपा से जीवन में आने वाली हर बाधा दूर होती है। इस दौरान किए गए दान-पुण्य और सेवा कार्य विशेष फलदायी होते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। नवरात्रि के नौवें दिन कन्या पूजन का भी विशेष महत्व है, जिसमें नौ कन्याओं को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लिया जाता है।

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