
मधुबनी न्यूज़: सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ने के लिए अक्सर लोग कोचिंग और बड़े शहरों का सहारा लेते हैं, लेकिन कुछ धुन के पक्के युवा ऐसे भी होते हैं जो अपने दम पर ही इतिहास रच देते हैं। इसी कड़ी में अब मधुबनी के शुभम झा का नाम जुड़ गया है, जिन्होंने अपनी मेहनत से देशभर में नाम रोशन किया है। यह मधुबनी न्यूज़ इलाके के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
मधुबनी के राजनगर प्रखंड क्षेत्र के बेल्हवार चौधरी टोल निवासी शुभम झा ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) 2025 की प्रतिष्ठित परीक्षा में 810वीं रैंक प्राप्त कर अपने गाँव, प्रखंड और पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार सफलता से परिवार, रिश्तेदारों और पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है। हर कोई शुभम की मेहनत और लगन की सराहना कर रहा है।
शुभम झा स्वर्गीय राजेंद्र झा और इंद्रमुखी देवी के पौत्र तथा अमोद झा और रिंकू देवी के पुत्र हैं। बचपन से ही शुभम पढ़ाई के प्रति बेहद गंभीर और मेधावी रहे हैं, जिनकी लगन ने उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचाया है।
मधुबनी न्यूज़: शुभम झा की सफलता और बेल्हवार चौधरी टोल का गौरव
शुभम ने अपनी दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई फरीदाबाद स्थित दून भारती स्कूल से पूरी की। इसके बाद, उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से बीएससी और एमएससी की डिग्रियां उत्कृष्ट अंकों के साथ प्राप्त कीं। उनकी शैक्षणिक यात्रा एलकेजी से लेकर एमएससी तक सभी परीक्षाओं में प्रथम श्रेणी के साथ पूरी हुई है, जो उनकी निरंतरता और अकादमिक उत्कृष्टता को दर्शाता है।
शुभम के पिता अमोद झा एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं और वर्तमान में हरियाणा के फरीदाबाद में एक निजी नौकरी करते हैं। पूरा परिवार वर्षों से वहीं निवास कर रहा है। यूपीएससी परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही फरीदाबाद स्थित उनके आवास पर खुशियों की लहर दौड़ गई। परिजनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और शुभम को गले लगाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
शिक्षा और संघर्ष का सफर
शुभम के पिता अमोद झा ने बताया कि उनके पुत्र ने अपने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। यह सफलता उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान की मदद के बिना, स्वयं अध्ययन से प्राप्त की है, जो उनकी लगन और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। स्वयं अध्ययन से सफलता प्राप्त करने की यह कहानी कई युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी।
शुभम की इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर उनके बड़े चाचा डॉ. ललित झा, श्रवण झा, कैलाश झा, अभिलाष झा तथा चचेरे भाई संजीव झा सहित अन्य परिजनों ने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की है। सभी ने शुभम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे इसी तरह देश और समाज की सेवा करते रहें। यह सफलता न केवल शुभम के परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह मधुबनी जिले के अन्य युवाओं के लिए भी एक नई राह दिखाने वाली है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
यह कहानी दिखाती है कि अगर दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





