
UPSC Result: बिहार के हाजीपुर के उज्जवल प्रियांक ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी में 10वीं रैंक हासिल कर एक शानदार मिसाल कायम की है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है।
हाजीपुर के उज्जवल प्रियांक ने UPSC Result में लहराया परचम, हासिल की 10वीं रैंक
जैसे ही सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम घोषित हुए, उज्जवल के घर में जश्न का माहौल छा गया। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और पड़ोसी लगातार उन्हें बधाई देने और मिठाई खिलाने पहुंच रहे हैं। उज्जवल की सफलता यह दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। यह उज्जवल का तीसरा प्रयास था जिसमें उन्होंने यह शानदार मुकाम हासिल किया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बचपन से ही उनका सपना एक आईएएस अधिकारी बनने का था, जो अब साकार हो चुका है।
UPSC Result: उज्जवल की मेहनत और लगन की मिसाल
उज्जवल के पिता संजीव सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनका बेटा बचपन से ही मेहनती और पढ़ाई के प्रति गंभीर रहा है। उन्होंने हमेशा अपनी राह खुद बनाई और पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। समाज सेवा के प्रति भी उनकी गहरी रुचि रही है और वे अक्सर दूसरों की मदद के लिए आगे रहते थे। संजीव सिंह ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “मेरा बेटा पहले समाज सेवा करता था, अब देश की सेवा करेगा। यह किसी भी पिता के लिए सबसे बड़ी खुशी है।” परिणाम घोषित होने के बाद से लगातार बधाई संदेशों और फोन कॉल्स का तांता लगा हुआ है।
सेल्फ-स्टडी से मिली शानदार सफलता
उज्जवल की इस प्रभावशाली सफलता की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने अपनी अधिकांश तैयारी घर पर रहकर ही की। वे सेल्फ-स्टडी पर पूरा भरोसा करते थे और रोजाना घंटों पढ़ाई करते थे। उनके परिवार के अनुसार, उज्जवल हमेशा अपने लक्ष्य के प्रति एकाग्र रहे। उन्होंने 2023 में यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। पहले दो प्रयासों में सफलता न मिलने के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी कमियों को समझा, उन पर काम किया और तीसरे प्रयास में सीधे शीर्ष 10 में अपनी जगह बनाई। यह उनकी सच्ची सफलता की कहानी है।
उनकी प्रारंभिक शिक्षा पटना के राजधानी ज्ञान निकेतन स्कूल से हुई, जहां उन्होंने नर्सरी से दसवीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद, उन्होंने 12वीं की पढ़ाई भी पटना के ही एक निजी स्कूल से पूरी की। स्कूलिंग के बाद, उज्जवल जयपुर चले गए, जहाँ उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग के दौरान ही उनका सिविल सेवाओं में जाने का संकल्प और मजबूत हुआ। डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने पूरी लगन से यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। पढ़ाई के साथ-साथ, वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे, क्योंकि उन्हें लोगों की मदद करना हमेशा अच्छा लगता था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उनके परिवार का कहना है कि उज्जवल ने बचपन से ही आईएएस अधिकारी बनने का सपना देखा था। वे हमेशा कहते थे कि एक दिन वे देश के लिए काम करेंगे और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। आज जब उन्होंने यूपीएससी में 10वीं रैंक हासिल की है, तो उनका यह सपना साकार होता दिख रहा है। परिवार के लोग बताते हैं कि उज्जवल हमेशा शांत स्वभाव के और मेहनती रहे हैं, उन्होंने कभी हार नहीं मानी और निरंतर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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