
CAA News: सियासत की तपिश में जलती चिंगारी, अधिकारों की लौ बनकर लौटी है। बरसों के इंतजार के बाद, एक उम्मीद की किरण ने नए सवेरे का वादा किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए लगभग 200 शरणार्थियों को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि हिंदू शरणार्थियों को भारत में वही अधिकार प्राप्त हैं जो स्वयं प्रधानमंत्री को हैं।
“जन-जन की सरकार: चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, गृह मंत्री शाह ने इस बात पर जोर दिया कि जब सीएए कानून लाया गया था, तब कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, ममता बनर्जी की पार्टी और डीएमके सहित कई राजनीतिक दलों ने इसका कड़ा विरोध किया था।
CAA News: तुष्टिकरण की राजनीति पर प्रहार और नागरिकता का अधिकार
शाह ने अपने बयान को दोहराते हुए कहा कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान से भारत आए हिंदू शरणार्थियों को इस देश में वही अधिकार हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्राप्त हैं। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति ने पहले इन लोगों को उनके वास्तविक अधिकारों से वंचित रखा था, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सीधे चुनौती देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार विरोध प्रदर्शनों की परवाह किए बिना नागरिकता प्रदान करने की प्रक्रिया जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “राहुल बाबा, आप चाहे जितना भी विरोध करें, हम ऐसे लोगों को नागरिकता प्रदान करते रहेंगे।”
यह घोषणा उन लाखों लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जो दशकों से भारत में शरणार्थी के रूप में जीवन बिता रहे थे, उम्मीद लगाए बैठे थे कि उन्हें एक दिन भारतीय पहचान मिलेगी। इस कदम से देश में रहने वाले विस्थापित हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को कानूनी तौर पर सशक्त बनाया गया है। शरणार्थियों को नागरिकता देने की यह प्रक्रिया सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भारतीय न्याय प्रणाली में व्यापक सुधार
गृह मंत्री ने भारत की न्याय प्रणाली में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तनों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि औपनिवेशिक काल के पुराने कानूनों को निरस्त कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) जैसे नए और प्रगतिशील कानूनों को लागू किया गया है। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2028 तक इन सभी नए कानूनों का पूर्णतः कार्यान्वयन सुनिश्चित कर दिया जाएगा। यह कदम देश की कानूनी व्यवस्था को आधुनिक बनाने और उसे भारतीय मूल्यों के अनुरूप ढालने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
इस अवसर पर, गृह मंत्री ने धामी प्रशासन के चार वर्ष पूरे होने के साथ ही राज्य में भाजपा के नौ वर्ष के शासनकाल की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि ये वर्ष विकास और सुशासन के प्रतीक रहे हैं, और हमारी सरकार जनहित के लिए लगातार काम कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उत्तराखंड के पहचान संघर्ष और भाजपा का योगदान
शाह ने उत्तराखंड के पहचान संघर्ष को याद करते हुए राज्य की संस्कृति और अधिकारों के लिए लड़ने वाले युवाओं की सराहना की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक समय था जब राज्य अपनी पहचान और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा था और उत्तराखंड की संस्कृति को बचाने के लिए यहां के युवाओं ने लड़ाई लड़ी, तब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान इन प्रयासों को दबाने का काम किया था। इसके विपरीत, उन्होंने बताया कि तत्कालीन भाजपा मंत्रियों और प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड के निर्माण के लिए अथक प्रयास किए, जिससे राज्य को उसका उचित स्थान मिल सका। यह दिखाता है कि भाजपा हमेशा क्षेत्रीय आकांक्षाओं और पहचान के सम्मान में खड़ी रही है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





