back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 11, 2026
spot_img

Pradosh Vrat 2026: महादेव की कृपा दिलाएगा यह व्रत, जानें तिथि और पूजा विधि

spot_img
- Advertisement -

Pradosh Vrat 2026: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है, जो भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। यह व्रत हर माह की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है और शिव भक्तों के लिए असीम पुण्य का अवसर लेकर आता है।

- Advertisement -

Pradosh Vrat 2026: महादेव की कृपा दिलाएगा यह व्रत, जानें तिथि और पूजा विधि

- Advertisement -

Pradosh Vrat 2026: सोमवार को शिव पूजा से पाएं अखंड सौभाग्य

- Advertisement -

Pradosh Vrat 2026: मार्च 2026 में पड़ने वाला दूसरा प्रदोष व्रत 16 मार्च सोमवार को है। इस दिन भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से भक्तों को सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और दांपत्य जीवन में मधुरता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह व्रत भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और प्रदोष काल में की गई आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है।

प्रदोष व्रत का महत्व

प्रदोष व्रत को करने से चंद्र दोष दूर होता है और भगवान शिव की कृपा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मान्यता है कि प्रदोष काल में स्वयं भगवान शिव कैलाश पर्वत पर नृत्य करते हैं और अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। यह व्रत पुत्र प्राप्ति, रोग मुक्ति और धन-धान्य में वृद्धि के लिए भी उत्तम माना गया है।

यह भी पढ़ें:  Sheetla Ashtami 2026: शीतला माता की आराधना और आरोग्य का पर्व...आइए, जानते हैं शीतला अष्टमी के शुभ विधान और वर्जित कार्यों में क्या करें-क्या न करें !

प्रदोष व्रत पूजा विधि

  • प्रातःकाल उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • पूरे दिन निराहार या फलाहार रहकर उपवास करें।
  • शाम को प्रदोष काल में पुनः स्नान कर शिव मंदिर या घर के पूजा स्थल पर जाएं।
  • भगवान शिव को बिल्व पत्र, धतूरा, अक्षत, धूप, दीप, गंध, फल, फूल, शमी पत्र और जल चढ़ाएं।
  • मां पार्वती और नंदी महाराज की भी पूजा करें।
  • कथा सुनें और शिव चालीसा का पाठ करें।
  • आरती कर प्रसाद वितरण करें।
यह भी पढ़ें:  सदी का दूसरा सबसे लंबा सूर्य ग्रहण: 2027 का अद्भुत Surya Grahan

शुभ मुहूर्त

इस दिन भगवान शिव की पूजा के लिए प्रदोष काल अत्यंत शुभ माना जाता है।

| विवरण | जानकारी |
|—|—|
| **प्रदोष व्रत तिथि** | 16 मार्च 2026, सोमवार |
| **प्रदोष काल (पूजा मुहूर्त)** | शाम 06:20 बजे से रात 08:35 बजे तक (स्थानीय समयानुसार) |

प्रदोष व्रत के लाभकारी मंत्र

ॐ नमः शिवाय।
महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

निष्कर्ष एवं उपाय

प्रदोष व्रत सच्चे मन से करने से व्यक्ति को मानसिक शांति और दैहिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस दिन शिव मंत्रों का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ अवश्य करें। गाय को हरा चारा खिलाना भी शुभ माना जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1 और हम आपके लिए लाते रहेंगे ऐसी ही आध्यात्मिक जानकारी।

धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

शाहरुख खान की धूम! 2026-27 में चार बड़ी फिल्मों से हिलाएंगे बॉक्स ऑफिस

Shah Rukh Khan News: साल 2023 में अपनी तीन ब्लॉकबस्टर फिल्मों से बॉक्स ऑफिस...

गूगल क्रोम में Gemini AI की धमाकेदार एंट्री, यूज़र्स को मिलेगा नया अनुभव

Gemini AI: तकनीक की दुनिया में लगातार हो रहे बदलावों के बीच गूगल ने...

Bihar News: अररिया में CM Nitish का ऐतिहासिक तोहफा, 545 करोड़ की योजनाओं से चमकेगा बिहार, फारबिसगंज में एयरपोर्ट की भी घोषणा

Bihar News: सियासत की बिसात पर विकास का मोहरा चलकर, नीतीश कुमार ने अररिया...

Bhagalpur News: मूल्यांकन में लापरवाही, 45 शिक्षक अनुपस्थित, बिहार बोर्ड की साख पर सवाल!

Bhagalpur News: शिक्षा के महाकुंभ में जब इम्तिहान की बारी आई, तो कुछ गुरुजन...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें