
Bhagalpur Crime Meeting: जैसे शरीर की नसों में खून का दौरा दुरुस्त रहना जरूरी है, वैसे ही जिले की धमनियों में कानून का इकबाल बुलंद रहना चाहिए। इसी नब्ज को टटोलने के लिए भागलपुर समाहरणालय के समीक्षा भवन में अधिकारियों की महफिल सजी, जहां वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार ने अपराध नियंत्रण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक का माहौल काफी गंभीर था और इसका मुख्य एजेंडा जिले में कानून-व्यवस्था की समीक्षा करना और अपराध पर लगाम कसने की रणनीति तैयार करना था। इस दौरान एसएसपी ने जिले के सभी थानों में दर्ज मामलों की गहन समीक्षा की। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जितने भी लंबित मामले हैं, उनका निपटारा युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि इन मामलों के कारण आम लोगों को न्याय के लिए इंतजार करना पड़ता है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
Bhagalpur Crime Meeting में SSP ने दिए कड़े निर्देश
एसएसपी प्रमोद कुमार ने बैठक में मौजूद सभी पुलिस पदाधिकारियों और थाना अध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि अपराध नियंत्रण पुलिस की सबसे पहली प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने और सक्रिय अपराधियों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई करने का आदेश दिया।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि थाना स्तर पर पहुंचने वाली हर शिकायत का त्वरित समाधान किया जाना चाहिए। एसएसपी ने कहा, “पीड़ितों को न्याय दिलाना हमारा परम कर्तव्य है और इसके लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करने की जरूरत है।” उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखें और किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलते ही बिना देरी किए कार्रवाई सुनिश्चित करें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
‘जनता का भरोसा जीतें’- एसएसपी का मूलमंत्र
एसएसपी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले या अपराधियों को संरक्षण देने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से आपसी समन्वय को और बेहतर बनाने की अपील की, ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान सुचारू रूप से हो सके और अपराध पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि जिले में शांति व्यवस्था बनी रहे और जनता के बीच पुलिस की विश्वसनीयता कायम हो।



