
Legal Awareness Program: कानून की जटिल गलियों में अब आम आदमी नहीं भटकेगा, क्योंकि न्याय की मशाल अब खुद उसके दरवाजे तक पहुंच रही है। दरभंगा में इसी उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जहां लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा के मार्गदर्शन में घनश्यामपुर प्रखंड के गलमा आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 67 पर एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता को कानूनी प्रक्रियाओं और उनके अधिकारों से अवगत कराना था।
Legal Awareness Program में दी गई अहम जानकारी
शिविर को संबोधित करते हुए पैनल अधिवक्ता गुणानंद झा ने उपस्थित लोगों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व को समझाते हुए बताया कि कैसे छोटे-मोटे विवादों को मध्यस्थता के जरिए आसानी से सुलझाया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अलावा, उन्होंने दहेज प्रतिषेध अधिनियम और विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े विभिन्न कानूनों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्राधिकार के सहायक कुमार गौरव ने बताया कि आगामी शनिवार को बिरौल अनुमंडल न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने लंबित वादों का निपटारा समझौते के आधार पर करवाने के लिए इस अवसर का लाभ उठाएं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
समझौते से विवाद सुलझाने पर दिया गया जोर
अधिवक्ता गुणानंद झा ने पारिवारिक और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिकांश विवाद आपसी समझ और सुलह से खत्म हो सकते हैं, जिससे न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि रिश्तों में कड़वाहट भी नहीं आती। यह कार्यक्रम लोगों को न्याय के करीब लाने की एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के अवसर पर पीएलवी विजय कुमार महतो, सेविका रूना मिश्रा, उपेंद्र मिश्र, कृष्ण कांत झा, बाबू नारायण झा, भोगेंद्र झा, रामकृष्ण यादव, सुंदर कांत झा, दिवाकर मिश्र, विजय कुमार मिश्र, ब्रजेश कुमार झा, और विवेक कुमार झा सहित कई गणमान्य नागरिक और स्थानीय निवासी मौजूद थे।






