back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 10, 2026
spot_img

Bihar Assistant Professor: बिहार असिस्टेंट प्रोफेसर की नई सीढ़ी… असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए अब SLET पास करना होगा अनिवार्य, बहाली के बदले नियम

spot_img
- Advertisement -

Bihar Assistant Professor: शिक्षा के गलियारों में अब एक नई सीढ़ी चढ़नी होगी, क्योंकि बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना अब सिर्फ डिग्री से पूरा नहीं होगा। ज्ञान की कसौटी पर खरा उतरना अनिवार्य हो गया है।

- Advertisement -

बिहार असिस्टेंट प्रोफेसर: असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए अब SLET पास करना होगा अनिवार्य, बहाली के बदले नियम

बिहार असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली: अब SLET की अनिवार्यता

बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति की राह अब और कठिन हो गई है। राज्य सरकार ने बहाली प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसके तहत अब असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा (SLET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह फैसला उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। नए मसौदा कानून के अनुसार, केवल वही अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे जिन्होंने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) या SLET पास कर ली हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह नया प्रावधान उन सभी उम्मीदवारों पर लागू होगा जो बिहार के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षण कार्य करना चाहते हैं।

- Advertisement -

इस बदलाव से उम्मीदवारों को अपनी तैयारी का स्तर और बेहतर करना होगा। पूर्व में, कुछ अन्य प्रावधानों के तहत भी नियुक्तियां होती थीं, लेकिन अब पात्रता मानदंड को सख्त बना दिया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bihar Land Officer Strike: बिहार में जमीन का काम ठप! 537 अंचलों के अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

पीएचडी धारकों को राहत, पर अनुभव का मोल नहीं

हालांकि, पीएचडी धारकों को कुछ शर्तों के साथ इस अनिवार्यता से छूट दी जा सकती है। इन शर्तों का विस्तृत विवरण जल्द ही जारी किया जाएगा, जिसमें स्पष्ट किया जाएगा कि किन परिस्थितियों में पीएचडी डिग्रीधारक बिना नेट या स्लेट के लिखित परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। यह एक महत्वपूर्ण राहत होगी, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा बदलाव यह भी है कि अब अनुभव के लिए कोई अतिरिक्त अंक नहीं दिए जाएंगे। पहले अनुभव के आधार पर उम्मीदवारों को वरीयता में लाभ मिलता था, लेकिन नए नियमों में इस प्रावधान को हटा दिया गया है। यह निर्णय निष्पक्ष चयन प्रक्रिया को बढ़ावा देने और केवल शैक्षिक योग्यता पर ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है। यह बदलाव राज्य के शिक्षण संस्थानों में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति को सुनिश्चित करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

आराध्या बच्चन ने अडानी परिवार की शाही शादी में लूटी महफिल, मां ऐश्वर्या को भी छोड़ा पीछे!

Aaradhya Bachchan News: बॉलीवुड की सबसे स्टाइलिश स्टार किड आराध्या बच्चन ने एक बार...

Madhubani News: हत्या मामले में 5 दोषियों को मिली उम्रकैद की सजा, कोर्ट के फैसले से इलाके में सनसनी

Madhubani News: कानून के लंबे हाथ आखिरकर मुजरिमों के गिरेबान तक पहुंच ही गए।...

Kinshuk Vaidya बने पापा, ‘शाका लाका बूम बूम’ के एक्टर के घर आया नन्हा राजकुमार!

Kinshuk Vaidya News: टेलीविजन की दुनिया में एक ऐसी धमाकेदार खबर आई है, जिसने...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें