
Munger News: सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर जिनकी चप्पलें घिस गईं, उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर आया मुख्यमंत्री का जनता दरबार। अब फरियादी सीधे DM साहब की चौखट पर अपनी अर्जी लगा रहे हैं और समाधान भी हाथों-हाथ मिल रहा है।
Munger News: समाहरणालय में सोमवार को नजारा कुछ बदला-बदला सा था। अपनी समस्याओं की पोटली लिए दर्जनों लोग जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर के सामने बैठे थे और डीएम साहब एक-एक कर सबकी गुहार सुन रहे थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुए इस जन समाधान सह जन सुनवाई कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण करना है।
जिलाधिकारी ने इस दौरान कई मामलों में तत्काल संबंधित पदाधिकारियों को फोन लगाकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ मुहिम के तहत यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसका लक्ष्य है कि आमजन को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
Munger News: जन समाधान कार्यक्रम में डीएम सख्त
जिलाधिकारी ने बताया कि इस विशेष जन सुनवाई कार्यक्रम की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जाती है। प्रत्येक जिले से प्राप्त आवेदनों और उन पर हुई कार्रवाई की समीक्षा स्वयं मुख्यमंत्री करते हैं। इसलिए, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित कार्य दिवसों पर आवेदनों का निपटारा कर उसकी अद्यतन रिपोर्ट भी उपलब्ध कराएं।
कार्यक्रम में पहुंचे लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद डीएम ने संबंधित अधिकारियों को मामलों की गहन जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। यह कार्यक्रम अब हर सोमवार और शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा, ताकि लोगों को अपनी बात रखने का एक नियमित मंच मिल सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देश
जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया है कि वे उक्त दोनों कार्य दिवसों पर अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के लिए आने वाले लोगों की समस्याओं को न केवल सुनना है, बल्कि उनके बैठने और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखना है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्रवाई से आवेदक को भी अवगत कराया जाना चाहिए, ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे। इस पहल से आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पंचायत से लेकर जिला स्तर तक के पदाधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और आम जनता का प्रशासन पर भरोसा मजबूत होगा।






