back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 13, 2026
spot_img

Nitish Kumar Son Politics: प्रशांत किशोर का CM Nitish पर तीखा हमला, बोले- जनता के बच्चे झेल रहे पलायन, नेता के बेटे करेंगे राज

spot_img
- Advertisement -

Nitish Kumar Son Politics: सत्ता की डगर पर बेटे का हाथ थामकर राजसी महल में प्रवेश कराना, यह सदियों से चली आ रही परंपरा का नया अध्याय है। एक ओर जहां आम जनता के बच्चे रोटी, कपड़ा और मकान के लिए संघर्ष करते हैं, वहीं नेताओं की अगली पीढ़ी के लिए सिंहासन पहले से तय होता है।

- Advertisement -

Nitish Kumar Son Politics: प्रशांत किशोर का सीएम पर तीखा हमला, बोले- जनता के बच्चे झेल रहे पलायन, नेता के बेटे करेंगे राज

Nitish Kumar Son Politics: प्रशांत किशोर ने उठाया सवाल

नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की संभावित राजनीतिक एंट्री को लेकर बिहार की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोला है। कैमूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने नेताओं के बच्चों के लिए ‘राज सिंहासन’ तय किए जाने की पुरानी परिपाटी पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां राजनेता अपने बच्चों का राजनीतिक भविष्य सुनिश्चित करने में लगे हैं, वहीं जनता के बच्चे आज भी अशिक्षा, बेरोजगारी और बेहतर अवसरों की तलाश में पलायन करने को मजबूर हैं।

- Advertisement -

प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में बिहार की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश में नेताओं के बच्चे आरामदायक जीवन जीते हैं और उन्हें राजनीति में आसानी से जगह मिल जाती है, जबकि आम घरों के युवा संघर्षों से जूझते रहते हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब जनता के बच्चे कारखानों में या अन्य जगहों पर रोजी-रोटी के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं, ठीक उसी समय नेताओं के बच्चे सत्ता के गलियारों में अपनी जगह बनाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह दोहरा मापदंड बिहार के भविष्य के लिए घातक है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  LPG Crisis Bihar: अफवाहों पर विराम, कालाबाजारी पर लगाम! बिहार सरकार का दावा- पर्याप्त है ईंधन का स्टॉक

उन्होंने कहा कि यह समय आ गया है जब बिहार के लोगों को इस तरह की वंशवाद की राजनीति पर विचार करना चाहिए और यह तय करना चाहिए कि वे किसे अपना नेता चुनना चाहते हैं। क्या वे ऐसे नेताओं को चुनेंगे जो सिर्फ अपने परिवार के भविष्य की चिंता करते हैं या फिर ऐसे नेताओं को जो सचमुच जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

प्रशांत किशोर ने लगातार बिहार में बदलाव की बात कही है और अपने जन सुराज यात्रा के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका मानना है कि बिहार को एक नई राजनीतिक दिशा की जरूरत है, जहां योग्यता और जनसेवा को वरीयता दी जाए, न कि पारिवारिक संबंधों को।

बिहार में राजनैतिक विरासत पर बहस

निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने की अटकलें लंबे समय से चल रही हैं, लेकिन प्रशांत किशोर के इस बयान ने इसे फिर से चर्चा का विषय बना दिया है। नीतीश कुमार स्वयं हमेशा से परिवारवाद की राजनीति के आलोचक रहे हैं, लेकिन अब उनके बेटे की राजनीतिक एंट्री की संभावनाओं ने उन्हें सवालों के घेरे में ला दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आगामी चुनावों में एक महत्वपूर्ण बहस का केंद्र बन सकता है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। खासकर तब जब बिहार में युवाओं की एक बड़ी आबादी बेरोजगारी और पलायन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है।

राज्य में कई अन्य राजनीतिक परिवारों के सदस्य भी सक्रिय राजनीति में हैं, जो इस बात को बल देता है कि बिहार में वंशवाद की राजनीति एक गहरी जड़ जमा चुकी परंपरा है। इस बयान के बाद जनता दल यूनाइटेड की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह निश्चित है कि प्रशांत किशोर का यह बयान बिहार के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म देगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश कुमार और उनकी पार्टी इस पर क्या रुख अपनाती है। बिहार की राजनीति में यह एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है, जहां युवा नेतृत्व और परिवारवाद के मुद्दे पर खुलकर चर्चा होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Adobe CEO शांतनु नारायण का इस्तीफा: जानें उनका शानदार करियर और नेट वर्थ

Adobe CEO: दुनिया की बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी एडोब इंक से जुड़ी एक अहम खबर...

धुरंधर की बॉक्स ऑफिस सुनामी फिर मचाएगी धमाल: सीक्वल से पहले सिनेमाघरों में वापसी!

Dhurandhar News: बॉलीवुड में जब कोई फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दे, तो...

Ekadashi March 2026: जानें पापमोचनी और कामदा एकादशी की सही तिथि और महत्व

Ekadashi March 2026: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, जब भगवान...

Nothing Phone 4a Series: धमाकेदार ऑफर्स के साथ हुई नथिंग फोन 4a सीरीज़ की एंट्री, जानें पूरी डिटेल्स

Nothing Phone 4a Series: टेक वर्ल्ड में अपने अनोखे डिज़ाइन और क्लीन एंड्रॉइड एक्सपीरियंस...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें