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मार्च, 12, 2026
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Patna NEET Case: छात्रा मौत मामले में CBI पर कोर्ट की तीखी टिप्पणी, हॉस्टल मालिक की जमानत पर फैसला सुरक्षित! CBI पर दागे तीखे सवाल, मोबाइल पर भी पूछा

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Patna NEET Case: अदालती गलियारों में न्याय की तलवार जब अपनी धार तेज करती है, तो कई अनसुलझे रहस्य परत-दर-परत खुलते चले जाते हैं। पटना नीट केस: छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक की जमानत याचिका पर कोर्ट में लंबी और गरमागरम सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्यप्रणाली पर न्यायालय ने कई तीखे सवाल दागे, वहीं पीड़िता की मां ने एक बार फिर जांच एजेंसियों पर लीपापोती का गंभीर आरोप लगाया है।

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Patna NEET Student Death: जीवन के रंगीन सपने लेकर शहर आई उस छात्रा की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब अदालती गलियारों में भी इस रहस्य की परतें खुलने लगी हैं, जहां जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर ही उंगलियां उठ रही हैं।

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Patna NEET Student Death: पटना की बेटी को इंसाफ कब? CBI पर कोर्ट ने दागे तीखे सवाल, मोबाइल पर भी पूछा

Patna NEET Student Death: CBI की जांच पर कोर्ट के तीखे सवाल

Patna NEET Student Death: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक नीट छात्रा की रहस्यमयी मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। हॉस्टल मालिक की जमानत याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने विशेष रूप से यह जानने की कोशिश की कि इस संवेदनशील मामले में पीड़िता का मोबाइल फोन आखिर अब तक क्यों नहीं बरामद किया जा सका है। यह सवाल मोबाइल की बरामदगी की अहमियत को दर्शाता है, जो जांच की दिशा बदल सकता है।

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सुनवाई के दौरान आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कोर्ट ने सीबीआई से पूछा कि जांच में इतना विलंब क्यों हो रहा है और महत्वपूर्ण सबूतों की तलाश में क्या प्रगति हुई है। छात्रा की मां ने भी कोर्ट में अपनी बात रखते हुए जांच एजेंसियों पर लीपापोती का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शुरुआत से ही इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है और सच्चाई सामने नहीं आने दी जा रही।

जांच एजेंसियों पर लीपापोती के आरोप

छात्रा की मां ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, वह किसी अन्य परिवार के साथ न हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच में जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है, ताकि आरोपी को लाभ मिल सके। इस पूरे प्रकरण में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अभी भी अनसुलझे हैं। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हॉस्टल मालिक की जमानत पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब सबकी निगाहें कोर्ट के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में न्याय की उम्मीद जगेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

Patna NEET Case: CBI की जांच पर न्यायालय के कड़े प्रश्न

मामला पटना के उस शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ा है, जहां एक NEET छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना ने शहर में सनसनी फैल गई थी जब एक छात्रा की मौत हॉस्टल में हुई। पटना उच्च न्यायालय में हॉस्टल मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान, न्यायाधीश ने केंद्रीय जांच ब्यूरो से कई अहम सवाल पूछे। कोर्ट ने विशेष रूप से यह जानने की कोशिश की कि इस पूरे प्रकरण में पीड़िता का मोबाइल फोन कहां है और उसे अब तक क्यों नहीं जब्त किया गया है। यह सवाल जांच की दिशा और गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

न्यायाधीश ने यह भी पूछा कि जब इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही थी, तब क्या पीड़िता का मोबाइल जब्त किया गया था? यदि हां, तो वह सीबीआई को क्यों नहीं सौंपा गया और यदि नहीं, तो इसके पीछे क्या कारण थे? इन सवालों ने सीबीआई को कटघरे में खड़ा कर दिया है और उनकी जांच प्रक्रिया पर संदेह पैदा कर दिया है। जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान, सीबीआई के वकील ने कोर्ट के सवालों का जवाब देने में काफी समय लिया, जिससे कोर्ट ने अपनी नाराजगी भी व्यक्त की।

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जांच एजेंसियों पर लीपापोती का आरोप

इस बीच, दिवंगत छात्रा की मां ने एक बार फिर जांच एजेंसियों पर लीपापोती का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पहले स्थानीय पुलिस और अब सीबीआई, दोनों ही इस मामले की गंभीरता से जांच नहीं कर रहे हैं और दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। मां का दर्द और आक्रोश कोर्ट में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जब उन्होंने अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाई। यह दुखद छात्रा की मौत के मामले में न्याय की उम्मीद अभी भी बनी हुई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

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जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद, कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कोर्ट इस संवेदनशील मामले में क्या निर्णय देता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या न्यायालय सीबीआई को और अधिक सख्ती से जांच के निर्देश देता है या हॉस्टल मालिक को राहत मिलती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह मामला पटना में न्याय व्यवस्था और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर एक महत्वपूर्ण उदाहरण स्थापित करेगा।

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