
National Lok Adalat: जमुई में लगेगा न्याय का महाकुंभ, 14 मार्च को 10 बेंचों में सुलझेंगे हजारों मामले, जानें पूरी डिटेल
National Lok Adalat: अदालतों की लंबी तारीखों और चक्करों से परेशान लोगों के लिए खुशखबरी की बयार आई है। न्याय अब आपके दरवाजे पर दस्तक दे रहा है, जहां आपसी सहमति से बरसों पुराने विवादों का निपटारा होगा। आगामी 14 मार्च को जमुई व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाना है, जिसकी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप सिंह के कुशल निर्देशन में मामलों के सुगमतापूर्वक और त्वरित निस्तारण के लिए कुल 10 विशेष बेंचों का गठन किया गया है।
इन बेंचों में न्यायिक पदाधिकारी, अनुभवी अधिवक्ता और अन्य अधीनस्थ कर्मी शामिल होंगे जो यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रक्रिया सुचारू रूप से चले। इसका मुख्य उद्देश्य लंबित वादों को दोनों पक्षों की आपसी सहमति से हल करना है, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
National Lok Adalat को सफल बनाने के लिए 10 बेंचों का गठन
इस मेगा लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए गठित की गई 10 बेंचों का कार्यक्षेत्र स्पष्ट रूप से विभाजित किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। हर बेंच विशिष्ट प्रकार के मामलों की सुनवाई करेगी।
- बेंच संख्या 1: कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश विकास कुमार और अधिवक्ता साधना कुमारी की यह बेंच मोटर दुर्घटना और पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों का निपटारा करेगी।
- बेंच संख्या 2: एडीजे द्वितीय सुधीर सिन्हा और अधिवक्ता महेंद्र नारायण इसमें भारतीय स्टेट बैंक, बिहार ग्रामीण बैंक और गिद्धौर बिजली विभाग से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई करेंगे।
- बेंच संख्या 3: एडीजे कमला प्रसाद और अधिवक्ता नीलम कुमार की बेंच निजी फाइनेंस बैंकों के ऋण और सिकंदरा बिजली विभाग के मामलों को देखेगी।
- बेंच संख्या 4: एडीजे अष्टम अमोद कुमार और अधिवक्ता प्रदीप कुमार सिंह इस बेंच में स्टेट बैंक व बिहार ग्रामीण बैंक को छोड़कर अन्य सभी बैंकों, श्रम विभाग, माप-तौल और दूरसंचार विभाग के वादों का निस्तारण करेंगे।
- बेंच संख्या 5: एसीजेएम चंद्र बोस कुमार और अधिवक्ता शिवदास पंडित अपने न्यायालय के साथ-साथ एसीजेएम प्रथम के न्यायालय के लंबित मामलों की सुनवाई करेंगे।
- बेंच संख्या 6: एसडीजेएम सत्यम और अधिवक्ता अशोक प्रसाद केशरी को चेक बाउंस और वन विभाग से जुड़े मामलों के निपटारे का दायित्व सौंपा गया है।
- बेंच संख्या 7: प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी भाविका सिंहा और अधिवक्ता यशवर्धन अपने न्यायालय के लंबित वादों के साथ खनन विभाग के मामलों को देखेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- बेंच संख्या 8: प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मृणाल आर्यन और अधिवक्ता अंजनी कुमार की बेंच उनके न्यायालय तथा जमुई विद्युत सब-डिविजन के लंबित प्रकरणों का निपटारा करेगी।
- बेंच संख्या 9: प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अनिमेष रंजन और अधिवक्ता राज कुमार यादव अपने न्यायालय के साथ-साथ झाझा विद्युत सब-डिविजन के मामलों की सुनवाई करेंगे।
- बेंच संख्या 10: प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी एहसान रशीद और अधिवक्ता मनीष कुमार विश्वकर्मा की बेंच अपने न्यायालय के लंबित वादों और ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों का निस्तारण करेगी।
आपसी सहमति से मामलों का होगा निपटारा
जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के सचिव राकेश रंजन ने इस आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इन बेंचों का गठन मुख्य रूप से भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को एक सुगम माहौल प्रदान करने के लिए किया गया है। जमुई व्यवहार न्यायालय परिसर में होने वाले इस आयोजन का उद्देश्य है कि लोग आसानी से अपने लंबित मामलों का निपटारा करवा सकें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। उन्होंने जमुई के निवासियों से आग्रह किया है कि वे 14 मार्च को आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय लोक अदालत में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसे सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। यह न्याय पाने का एक सुनहरा अवसर है, जहां बिना किसी जटिल प्रक्रिया के आपसी सुलह से विवादों को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




