spot_img

Bihar Politics: CM Nitish की ‘समृद्धि यात्रा’ में गूंजा ‘निशांत कुमार सीएम हो’ का नारा, सियासी गलियारों में नई चर्चा

spot_img
- Advertisement -

Bihar Politics: बिहार की सियासत में हलचलों का दौर कभी थमता नहीं, जहां हर यात्रा एक नया अध्याय लिख जाती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के अंतिम पड़ाव पर एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जिसने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। भीड़ में मौजूद लोगों के मुंह से अचानक ‘बिहार का सीएम कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो’ के नारे गूंजने लगे। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से जहां एक ओर लोग अचंभित थे, वहीं दूसरी ओर नीतीश कुमार मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन करते नजर आए। यह दृश्य कई सवालों को जन्म दे रहा है कि क्या यह महज भीड़ का उत्साह था या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक रणनीति छिपी है।

- Advertisement -

Bihar Politics: क्या है समृद्धि यात्रा और ‘निशांत कुमार’ का नारा?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहे थे, जिसका उद्देश्य विकास कार्यों की समीक्षा और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना था। यात्रा के आखिरी दिन, जब मुख्यमंत्री एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे या लोगों से मिल रहे थे, तभी यह नारा बुलंद हुआ। निशांत कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं, जो आमतौर पर राजनीति से दूर रहते हैं और सार्वजनिक मंचों पर कम ही नजर आते हैं। ऐसे में उनके नाम का इस तरह से उछलना सियासी पंडितों के लिए भी एक अबूझ पहेली बन गया है। इस घटना ने बिहार की पॉलिटिकल सक्सेशन को लेकर एक नई चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि इससे पहले कभी उनके नाम को सीधे तौर पर मुख्यमंत्री पद से नहीं जोड़ा गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

इस पूरे प्रकरण पर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना अनायास नहीं हो सकती। अक्सर ऐसी यात्राओं के दौरान या तो पहले से तय नारों का प्रयोग होता है या फिर किसी नेता के समर्थन में स्वतःस्फूर्त नारे लगते हैं। लेकिन निशांत कुमार के नाम का इस तरह से सीएम पद के लिए गूंजना एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है, ताकि भविष्य की राजनीति में उनके लिए जमीन तैयार की जा सके। यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अंदर और बाहर इस घटना को किस तरह से लिया जाता है और क्या यह बिहार के सियासी परिदृश्य में कोई बड़ा बदलाव लाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Traffic Challan: पटना हाई कोर्ट के आदेश के बाद लोक अदालत में चालान निपटाने का नया प्लान, जानें क्या हैं नियम... पढ़िए ...अगर आपकी गाड़ी का चालान कटा है!

सियासी गलियारों में अटकलें और भविष्य की संभावनाएं

बिहार में राजनीतिक उत्तराधिकार को लेकर चर्चाएं पहले भी होती रही हैं, लेकिन इस घटना ने उन चर्चाओं को एक नया आयाम दे दिया है। क्या नीतीश कुमार अपने राजनीतिक वारिस के रूप में निशांत कुमार को तैयार कर रहे हैं? या फिर यह केवल समर्थकों का अति-उत्साह था जिसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है? इन सवालों के जवाब आने वाले समय में ही मिल पाएंगे। फिलहाल, यह घटना बिहार के राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस का विषय बनी हुई है और हर कोई अपने-अपने तरीके से इसके मायने निकाल रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घटना दर्शाती है कि बिहार की राजनीति में कब क्या नया मोड़ आ जाए, यह कहना मुश्किल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Madhubani News: मधुबनी में राजस्व कर्मियों पर गिरी गाज, 2.27 लाख की होगी वसूली, पढ़िए कौन कौन आए जद में, पूरी लिस्ट और रिकवरी...

बिहार लोक सेवा अधिनियम: मधुबनी में एक बार फिर सरकारी तंत्र की सुस्ती पर...

Samastipur Railway News: समस्तीपुर में 140 टन क्षमता वाली ‘Railway Crane’ तैनात, रेल दुर्घटना राहत में आएगी तेजी

Railway Crane: अरे भाई साहब! रेल पटरियों पर काम करने वाली ये विशाल मशीनें...

Darbhanga News: बिरौल प्रमुख अविश्वास के घेरे में, मुखी देवी की कुर्सी पर मंडराया खतरा, 11 मई को होगा शक्ति परीक्षण

बिरौल प्रमुख अविश्वास प्रस्ताव: दरभंगा के बिरौल प्रखंड में इन दिनों सियासी पारा हाई...