
Samastipur Railway Division: रेलवे की पटरियों पर सिर्फ ट्रेनें नहीं दौड़तीं, बल्कि नियम और कानून भी साथ चलते हैं। जो इन नियमों को तोड़ता है, उसकी जेब पर गाज गिरना तय है। समस्तीपुर मंडल ने बिना टिकट यात्रा करने वालों पर ऐसा हंटर चलाया है कि आंकड़े देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे। मंडल ने महज चार दिनों के सघन अभियान में 11 हजार से अधिक बेटिकट यात्रियों को पकड़कर उनसे 81 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूला है, जिससे हड़कंप मच गया है।
Samastipur Railway Division का मेगा चेकिंग अभियान
Samastipur Railway Division: समस्तीपुर: रेलवे द्वारा बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाता है, लेकिन इस बार समस्तीपुर मंडल ने जो कार्रवाई की है, वह चर्चा का विषय बन गई है। मंडल ने महज चार दिनों के भीतर एक सघन टिकट जांच अभियान चलाकर 11 हजार से ज्यादा बेटिकट यात्रियों को दबोचा है। इन यात्रियों से जुर्माने के तौर पर 81 लाख रुपये से भी अधिक की रिकॉर्ड राजस्व वसूली की गई है। इस कार्रवाई से बिना टिकट यात्रा करने वालों में हड़कंप मच गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यात्रियों को वैध टिकट के साथ यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित करने और बेटिकट यात्रा की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए यह विशेष अभियान चलाया गया था। इसकी शुरुआत 10 मार्च 2026 को एक मेगा चेकिंग अभियान के साथ हुई। इस एक ही दिन में टिकट निरीक्षकों की टीमों ने विभिन्न ट्रेनों और स्टेशनों पर धावा बोला और कुल 4495 अनियमित या बिना टिकट यात्रियों को पकड़ा। इन पर कार्रवाई करते हुए रेलवे ने एक ही दिन में लगभग ₹34.05 लाख का जुर्माना वसूला। यह सफल ticket checking campaign मंडल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
चार दिनों तक चली ताबड़तोड़ कार्रवाई
मेगा अभियान के बाद भी यह कार्रवाई थमी नहीं। 11 मार्च को चलाए गए अभियान में 2220 बेटिकट यात्री पकड़े गए, जिनसे ₹15.03 लाख की आय हुई। इसके अगले दिन, 12 मार्च को, 2305 लोगों पर कार्रवाई की गई और उनसे ₹15.18 लाख का जुर्माना वसूला गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अभियान के चौथे दिन, 13 मार्च को, 2681 यात्रियों को पकड़कर उनसे ₹16.77 लाख की वसूली की गई। इस तरह, इन चार दिनों में कुल 11,701 बेटिकट यात्रियों पर कार्रवाई की गई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
मंडल के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान यहीं समाप्त नहीं होगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें, ताकि किसी भी तरह की असुविधा और जुर्माने से बच सकें। बिना टिकट यात्रा करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध भी है। भविष्य में भी ऐसे सघन जांच अभियान निरंतर जारी रखे जाएंगे ताकि रेलवे को राजस्व हानि से बचाया जा सके और व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया जा सके। रेलवे की इस सख्ती से ईमानदार यात्रियों ने राहत की सांस ली है।







