
West Bengal News: चुनावी बिगुल बजने से पहले ही बंगाल में सियासी बयार तेज हो गई है, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पिटारी से सरकारी कर्मचारियों और धार्मिक गुरुओं के लिए बड़े तोहफे निकाले हैं, मानो यह महज़ घोषणाएँ नहीं, बल्कि चुनावी रणभेरी का पहला शंखनाद हो।
West Bengal News: ममता का ‘मास्टरस्ट्रोक’: कर्मचारियों को DA, पुजारियों-मुअज्जिनों का मानदेय बढ़ाया, क्या ये चुनावी चाल?
West Bengal News: लंबे समय से लंबित DA बकाया का समाधान: एक बड़ा चुनावी वादा
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारी और विभिन्न धार्मिक समुदायों के लिए अहम घोषणाएँ की हैं। राज्य सरकार ने लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ते (DA) के बकाये का भुगतान करने और पुजारियों तथा मुअज्जिनों के मासिक भत्ते में उल्लेखनीय वृद्धि करने का फैसला लिया है। ममता बनर्जी ने इन फैसलों को अपनी सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘ROPA-2009’ के तहत बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान मार्च 2026 से चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस ऐतिहासिक निर्णय से राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, स्कूल और कॉलेज के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, पंचायत, नगर पालिका और अन्य स्थानीय निकायों के स्टाफ भी इस दायरे में शामिल किए गए हैं। वित्त विभाग ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं, जिससे इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू किया जा सके।
पुजारियों और मुअज्जिनों के मानदेय में चार गुना वृद्धि
मुख्यमंत्री ने राज्य के आध्यात्मिक और सामाजिक ताने-बाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुजारियों और मुअज्जिनों के लिए भी एक बड़ा ऐलान किया है। अब तक उन्हें मिलने वाले 500 रुपये के मासिक मानदेय को बढ़ाकर सीधा 2,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। ममता बनर्जी ने जानकारी दी कि मानदेय में 1,500 रुपये की यह वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू होगी। साथ ही, जिन नए पुजारियों और मुअज्जिनों ने आवेदन किया था, उन्हें भी सरकार ने मंजूरी दे दी है। यह फैसला राज्य में धार्मिक सौहार्द और सम्मान को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
चुनावी माहौल में सियासी हलचल तेज
ममता बनर्जी ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें ऐसे वातावरण को बढ़ावा देने पर गर्व है जहाँ हर समुदाय और परंपरा का सम्मान किया जाता है। हालांकि, विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले किए गए इन ऐलानों को विपक्षी दल ‘चुनावी दांव’ करार दे रहे हैं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सरकार का पक्ष है कि यह कदम उन वादों को पूरा करने की दिशा में है जो सरकारी कर्मचारियों और विभिन्न समुदायों से किए गए थे। इस फैसले से राज्य के करीब 20 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह आगामी चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर सकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ यह घोषणाएँ दर्शाती हैं कि चुनावी वर्ष में राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।


